बांसवाड़ा। राजस्थान के बांसवाड़ा जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आज सोमवार सुबह से ही साप्ताहिक जनसुनवाई (Public Hearing) का आयोजन किया जा रहा है। हर सोमवार की तरह आज भी ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को लेकर जिला कलेक्टर के समक्ष उपस्थित हुए। जिला कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह से ही लोगों की भारी कतारें देखी गईं, जहां प्रशासनिक अधिकारी एक-एक कर आम जनता की समस्याओं को सुन रहे हैं।

आज की जनसुनवाई में सबसे प्रमुख मुद्दे बुनियादी सुविधाओं से जुड़े रहे। मानसून के इस मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने मुख्य रूप से पेयजल की भारी किल्लत, गांवों को जोड़ने वाली टूटी और जर्जर सड़कें, तथा क्षेत्र में पैर पसार रही मौसमी बीमारियों (Seasonal Diseases) के प्रकोप को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। कई ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई कि बारिश के दिनों में सड़कों पर जलभराव और गड्ढों के कारण उनका जिला मुख्यालय से संपर्क कट जाता है, जिससे आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को अस्पताल ले जाना बेहद मुश्किल हो रहा है।
इसके साथ ही, चिकित्सा विभाग की टीमों द्वारा ग्रामीण अंचलों में नियमित एंटी-लावा गतिविधियों और फॉगिंग न किए जाने की शिकायतें भी कलेक्टर के सामने आईं। जिला कलेक्टर ने जनसुनवाई के दौरान मौके पर ही मौजूद विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि संपर्क पोर्टल और आज की जनसुनवाई में दर्ज सभी जन शिकायतों का समय सीमा के भीतर त्वरित और स्थाई निस्तारण (Grievance Redressal) सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

