डिजिटल डेस्क, बांसवाड़ा।
राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और “सौ टापुओं के क्षेत्र” के नाम से मशहूर बांसवाड़ा के चाचा कोटा (Chacha Kota) में देर रात नाइट कैंपिंग को लेकर बाहरी पर्यटकों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, झीलों की नगरी उदयपुर से आए कुछ युवकों ने चाचा कोटा टापू क्षेत्र में रात को रुकने के लिए टेंट लगाए थे। इसी दौरान स्थानीय ग्रामीणों के साथ किसी बात को लेकर उनकी तीखी बहस और कहासुनी हो गई।
ग्रामीणों के विरोध के बाद पहुंची पुलिस
मानसून के सीजन में चाचा कोटा में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। ग्रामीण इलाकों में देर रात बाहरी लोगों द्वारा बिना अनुमति कैंपिंग करने, तेज संगीत बजाने या हुड़दंग करने को लेकर स्थानीय लोग अक्सर आपत्ति जताते हैं। उदयपुर के युवकों के साथ विवाद बढ़ता देख ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी।

सुरक्षा कारणों से पुलिस ने खाली कराया मैदान
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दखल दिया। दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया गया और किसी भी संभावित अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति को रोकने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखाई। पुलिस ने सुरक्षा नियमों और बिना प्रशासनिक अनुमति के संवेदनशील टापू क्षेत्रों में रात बिताने की पाबंदी का हवाला देते हुए उदयपुर के युवकों के सभी कैंप और टेंट रात में ही मौके से हटवा दिए। इसके बाद सभी सैलानियों को वहां से सुरक्षित रवाना किया गया।
प्रशासन की अपील: बिना अनुमति और रात के समय न करें कैंपिंग
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने पूर्व में भी पर्यटकों से अपील की है कि चाचा कोटा एक सुदूर और सुनसान ग्रामीण इलाका है, जहां रात के समय सुरक्षा कारणों से खुले में टेंट लगाना खतरनाक हो सकता है। पर्यटकों को केवल निर्धारित समय और सुरक्षित स्थानों पर ही पर्यटन का आनंद लेने की सलाह दी गई है ताकि स्थानीय लोगों और सैलानियों के बीच समन्वय बना रहे।

