धर्मेंद्र प्रधान को सोमवार (27 जुलाई 2026) को संसद भवन के मकर द्वार पर एनडीए (NDA) सांसदों ने पाग (पारंपरिक पगड़ी) पहनाकर और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया. यह एकजुटता प्रदर्शन उनके शिक्षा मंत्री पद से हालिया इस्तीफे के बाद हुआ है, जो उन्होंने NEET-UG पेपर लीक विवाद के चलते दिया था. संसद के बाहर धर्मेंद्र प्रधान के भव्य स्वागत पर विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के नेताओं ने कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे छात्रों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा बताया है
मुख्य घटनाक्रम
- भव्य स्वागत: भाजपा और सहयोगी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में प्रधान के समर्थन में नारे लगाए
- विपक्ष का घेराव: विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के नेताओं ने मकर द्वार पर और सदन के अंदर पेपर लीक मामले को लेकर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया
- राजनीतिक संदेश: सत्ता पक्ष ने इस स्वागत के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि पूरी पार्टी इस संकट के समय प्रधान के साथ खड़ी है
1. विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया (Opposition Reaction)
- ‘शिक्षा चोरी’ के नारे: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने मकर द्वार पर तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया, जिन पर “लोकतंत्र, शिक्षा चोरी” जैसे स्लोगन लिखे हुए थे।
- दिखावे का इस्तीफा: विपक्षी नेताओं का कहना है कि NEET-UG पेपर लीक घोटाले के बाद केवल इस्तीफा देना काफी नहीं है। भाजपा द्वारा उनका “हीरो जैसा स्वागत” करना यह दिखाता है कि सरकार को लाखों छात्रों के भविष्य की कोई परवाह नहीं है।
- प्रधानमंत्री से माफी की मांग: कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों ने मांग की है कि इस पूरे परीक्षा संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद देश और छात्रों से माफी मांगें।
- लोकतांत्रिक जीत: जम्मू-कश्मीर के नेता फारूक अब्दुल्ला सहित कई अन्य नेताओं ने प्रधान के बाहर होने को “छात्र शक्ति और लोकतंत्र की जीत” बताया है।
2. संसद सत्र के ताजा अपडेट्स (Parliament Session Updates)
- संसद में भारी हंगामा: धर्मेंद्र प्रधान के संसद परिसर में पहुंचते ही विपक्ष की नारेबाजी के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही में भारी व्यवधान आया है।
- चर्चा के लिए नोटिस: विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा में चर्चा के लिए स्थगन नोटिस दिए हैं, जिसमें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) द्वारा किए गए कथित बल प्रयोग पर तत्काल बहस की मांग की गई है।
- नया सख्त कानून: हंगामे के बीच, केंद्र सरकार आज (27 जुलाई 2026) लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पेश करने जा रही है, जिसमें पेपर लीक करने वालों के लिए बेहद कड़े दंड का प्रावधान है।
- नए शिक्षा मंत्री: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, कैबिनेट मंत्री प्रल्हाद जोशी ने नए शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।

