बांसवाड़ा। वागड़ अंचल के सबसे बड़े और राजस्थान के प्रमुख बांधों में से एक माही बजाज सागर बांध (Mahi Bajaj Sagar Dam) के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बांसवाड़ा जिले सहित मध्य प्रदेश के ऊपरी कैचमेंट एरिया (जलभराव क्षेत्र) में पिछले 48 घंटों से रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश के चलते बांध में पानी की आवक बेहद तेज़ हो गई है। आज सोमवार सुबह स्थिति की समीक्षा करने के बाद जल संसाधन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने हाई अलर्ट जारी किया है।

सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, माही नदी और उसकी सहायक नदियों से लगातार आ रहे पानी के कारण बांध का जलस्तर तेजी से अपनी क्षमता की ओर बढ़ रहा है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और बांध पर तैनात तकनीकी टीम हर घंटे पानी की आवक और जलस्तर की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रही है।
तटीय इलाकों में मुनादी और ग्रामीणों को चेतावनी
जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी को देखते हुए सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से अलर्ट जारी किया है। माही नदी के डाउनस्ट्रीम (तटीय और निचले इलाकों) में आने वाले दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को नदी के पेटे और बहाव क्षेत्र से पूरी तरह दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी (ढोल बजवाकर घोषणा) भी शुरू करवा दी है ताकि कोई भी ग्रामीण या मवेशी पानी के नजदीक न जाए।
अधिकारियों का कहना है कि यदि मध्य प्रदेश के ऊपरी इलाकों में बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा, तो बांध के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए आगामी दिनों में इसके जल कपाट (गेट्स) खोले जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

