बांसवाड़ा एमजी अस्पताल में प्रसूता की मौत का मामला गर्माया, परिजनों ने इलाज में देरी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। अस्पताल परिसर में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और रेफरल सिस्टम पर बड़े सवाल उठ रहे हैं।

Banswara News Latest News

स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मुख्य बिंदु

चिकित्सा व्यवस्था और मरीज की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलू निम्नलिखित हैं:

  • रेफरल प्रोटोकॉल: गंभीर स्थिति वाले मरीजों को उच्च केंद्रों पर भेजते समय एम्बुलेंस में लाइफ सपोर्ट और अग्रिम सूचना (Prior Intimation) देना बेहद जरूरी है।
  • इमरजेंसी रिस्पॉन्स: जिला अस्पतालों के मातृ व शिशु स्वास्थ्य केंद्र (MCH) में क्रिटिकल मरीजों के लिए ‘गोल्डन ऑवर’ मैनेजमेंट होना चाहिए।
  • जवाबदेही और जांच: किसी भी अनहोनी की स्थिति में निष्पक्ष प्रशासनिक और चिकित्सीय ऑडिट कमेटी का गठन त्वरित होना चाहिए।

एमजी अस्पताल प्रसूता मौत विवाद: विस्तृत समाचार रिपोर्ट

बांसवाड़ा। महात्मा गांधी जिला अस्पताल (MG Hospital Banswara) के मातृ व शिशु स्वास्थ्य केंद्र (MCH) में रविवार को एक प्रसूता की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। घटना से आक्रोशित मृतका के परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों सहित ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ पर गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए।

परिजनों का आरोप और इलाज में देरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला को प्री-मैच्योर डिलीवरी और अत्यधिक नाजुक स्थिति की शिकायत के बाद एक निजी अस्पताल से एमजी अस्पताल रेफर किया गया था। परिजनों का कहना है कि जब वे बेहद गंभीर हालत में महिला को लेकर सरकारी जिला चिकित्सालय पहुंचे, तो वहां तत्काल आपातकालीन उपचार शुरू नहीं किया गया। उनका आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड, लेबर रूम और आवश्यक कागजी कार्रवाई के चक्कर काटने में काफी कीमती समय बर्बाद हो गया, जिससे महिला की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और उसने दम तोड़ दिया।

पुलिस की दखल और अस्पताल प्रशासन का पक्ष
मौत की खबर मिलते ही वार्ड के बाहर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। अस्पताल में बढ़ते तनाव और हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना और अस्पताल चौकी पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिला को पहले से ही बेहद नाजुक और नाजुक स्थिति में निजी अस्पताल से रेफर करके लाया गया था। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने डॉक्टरों की एक विशेष आंतरिक जांच कमेटी (Enquiry Committee) गठित करने का आश्वासन दिया है, जो इलाज के हर स्तर और समय (Timeline) की बारीकी से जांच करेगी।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *