पटना में 22 और 25 जुलाई 2026 को पेपर लीक मामले (NEET और BPSC) को लेकर छात्र संगठनों द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. इस मामले में 24 प्राथमिकियां (FIR) दर्ज कर अब तक 258 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेज दिया गया है. रविवार की आधी रात को छज्जूबाग स्थित जज आवास पर करीब 200 छात्रों की विशेष पेशी हुई, जहां कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया
इस पूरे घटनाक्रम और पुलिसिया कार्रवाई की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
📑 थानों के अनुसार कार्रवाई और मामले
- गांधी मैदान थाना: पुलिस ने सबसे कड़ी कार्रवाई करते हुए सबसे अधिक 138 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा.
- कोतवाली थाना: यहाँ की पुलिस टीम ने 49 लोगों को हिरासत में लेकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया.
- कुल नामजद व अज्ञात: इस पूरे उपद्रव में पुलिस ने 24 FIR दर्ज की हैं, जिनमें 285 लोग नामजद हैं और करीब 6,000 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है.
- दर्ज धाराएं: गिरफ्तार छात्रों व प्रदर्शनकारियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.

⚖️ आधी रात को जज के आवास पर पेशी
- जज आवास पर सुनवाई: गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों को रात के वक्त छज्जूबाग स्थित जज के आवास पर लाया गया, जहां देर रात तक मामले की सुनवाई चलती रही.
- जमानत खारिज: कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों की बेल अर्जी को नामंजूर करते हुए उन्हें सीधे बेऊर जेल भेजने का निर्देश दिया.
- लड़कियों की रिहाई: पुलिस कार्रवाई के तहत हिरासत में ली गईं 38 लड़कियों को निजी बांड (Personal Bond) पर रिहा कर दिया गया.
🔴 परिजनों और छात्रों का पक्ष
- परिजनों के आरोप: जज आवास के बाहर भारी संख्या में छात्रों के माता-पिता और परिजन अपनी बारी का इंतजार करते दिखे. उनका आरोप है कि पुलिस ने कोचिंग से लौट रहे या दवा लेने निकले कई निर्दोष छात्रों को भी बिना किसी गलती के उठा लिया.
- मानवाधिकार की शिकायत: परिजनों और छात्रों का कहना है कि उन्हें लंबे समय तक पुलिस कस्टडी में रखा गया और समय पर भोजन भी उपलब्ध नहीं कराया गया.

