भाषण और तीन कैटेगरी का जिक्र
राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए अपने भाषण की शुरुआत की। उन्होंने सदन में एक 18 वर्षीय छात्रा के साथ हुई अपनी बातचीत का हवाला देते हुए लोगों को तीन श्रेणियों में परिभाषित किया:
- स्टूडेंट: जो सच्चाई को धारण करता है, गर्व से रहता है और हमेशा नया सीखने के लिए तैयार रहता है।
- इडियट (बेवकूफ): वह जो किसी की नहीं सुनता और ऐसी विशाल छवि बनाने की कोशिश करता है जैसे वह खुद भगवान हो।
- अंधभक्त: राहुल गांधी ने कहा कि छात्रा के मुताबिक, “अंधभक्त वह व्यक्ति होता है जिसे पक्का यकीन होता है कि दूसरा इडियट ही भगवान (गॉड) है।”
सत्ता पक्ष का विरोध और हंगामा
राहुल गांधी द्वारा इन शब्दों का इस्तेमाल करते ही ट्रेजरी बेंच (सत्ता पक्ष) के सदस्यों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया।
- किरेन रिजिजू की आपत्ति: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तुरंत खड़े होकर इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी एक छात्रा के नाम का सहारा लेकर सदन में असंसदीय भाषा (Unparliamentary Language) का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- राहुल गांधी की सफाई: विरोध के बीच राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि वे सत्ता पक्ष के किसी भी माननीय सदस्य के लिए व्यक्तिगत तौर पर इस शब्द का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे केवल छात्रा की बात रख रहे हैं।
शब्द को रिकॉर्ड से हटाया गया (Expunged)
हंगामे को बढ़ता देख रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने सत्ता पक्ष से शांत रहने की अपील की और लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) से अनुरोध किया कि राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘इडियट’ शब्द को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटा (Expunge) दिया जाए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष के नेता को सदन की मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दी और व्यवस्था देते हुए ‘इडियट’ शब्द को संसद की कार्यवाही से हटाने का आदेश जारी कर दिया। लोकसभा के नियम 380 के तहत स्पीकर के पास यह अधिकार होता है कि यदि कोई टिप्पणी अशोभनीय या असंसदीय हो, तो उसे रिकॉर्ड से विलोपित कर दिया जाए।

