दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज (23 जुलाई 2026) दोपहर तब भारी अफरा-तफरी मच गई, जब पारंपरिक हथियारों और तलवारों से लैस निहंग सिख और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। नीट-यूजी (NEET UG) पेपर लीक के विरोध में पिछले 32 दिनों से चल रहे इस आंदोलन में आज अचानक माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया था, जिसे मौके पर तैनात दिल्ली पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालकर काबू में किया।
झड़प की मुख्य वजह और पुलिस की कार्रवाई
- अचानक हुई भिड़ंत: जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को समर्थन देने पंजाब से बड़ी संख्या में निहंग सिख पहुंचे थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारी युवाओं और निहंगों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
- तलवारें लहराईं और धक्का-मुक्की हुई: देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों गुट आमने-सामने आ गए, धक्का-मुक्की होने लगी और कुछ निहंगों ने हवा में तलवारें लहरा दीं, जिससे धरनास्थल पर हड़कंप मच गया।
- पुलिस ने किया बीच-बचाव: स्थिति को बिगड़ता देख वहां तैनात भारी सुरक्षा बल और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत हरकत में आए। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों के बीच आकर बीच-बचाव किया और उन्हें अलग-थलग कर मामले को शांत कराया
झड़प और पुलिस की कार्रवाई
- अचानक अफरा-तफरी: गुरुवार दोपहर प्रदर्शन स्थल पर पारंपरिक वेशभूषा और हाथों में तलवारें लिए निहंग सिखों तथा CJP के युवा प्रदर्शनकारियों के बीच अचानक विवाद शुरू हो गया।
- बढ़ने लगा विवाद: देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच बात काफी बढ़ गई और वे आपस में टकरा गए, जिससे धरनास्थल पर हड़कंप मच गया।
- पुलिस ने संभाला मोर्चा: किसी भी बड़ी या अप्रिय घटना को रोकने के लिए वहां तैनात दिल्ली पुलिस के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों पक्षों को एक-दूसरे से अलग किया।
- स्थिति सामान्य: पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया और फिलहाल मौके पर शांति व स्थिति सामान्य है।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
- लगातार जारी है आंदोलन: नीट (NEET) पेपर लीक और अन्य मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर CJP का यह प्रदर्शन पिछले 32 दिनों से चल रहा है।
- 20 जुलाई का तनाव: इससे पहले 20 जुलाई को CJP के ‘संसद मार्च’ के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे। इसके बाद से ही वहां सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त रखी गई है।
- अन्ना हजारे का समर्थन: इस आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में छात्रों के समर्थन में मौन व्रत शुरू कर दिया है।

