आगरा के पिनाहट क्षेत्र में पुलिस की बर्बरता का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ 112 नंबर पर घरेलू विवाद की सूचना देकर मदद माँगने वाले शिकायतकर्ता को ही पुलिस ने थर्ड डिग्री टॉर्चर दे डाला।
घटना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- घरेलू विवाद की सूचना पर 112 नंबर पर कॉल किया
- पुलिस ने शिकायतकर्ता पंकज को बेरहमी से पीटा, थर्ड डिग्री दी
- बेहोशी की हालत में मैदान में छोड़कर पुलिसकर्मी चले गए
- घटना का कारण: पिनाहट के एक व्यक्ति, पंकज, ने घरेलू विवाद के बाद पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल किया था।
- पुलिस की बर्बरता: मदद करने के बजाय, पुलिसकर्मी पंकज को उसके घर से उठाकर करीब दो किलोमीटर दूर एक सुनसान मैदान में ले गए। वहाँ उसे बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसके पूरे शरीर पर नीले निशान पड़ गए।
- मैदान में फेंका: पुलिसकर्मी पंकज को मरणासन्न और बेहोशी की हालत में उसी मैदान में छोड़कर भाग गए। बाद में वहाँ खेल रहे बच्चों ने उसके परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
- खुलासा: यह मामला घटना के करीब 14 दिन बाद (रविवार, 26 अप्रैल 2026) तब सार्वजनिक हुआ जब घायल के परिजनों ने उसकी चोटों के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए।
हालिया कार्रवाई और अन्य मामले:
आगरा पुलिस हाल के महीनों में कई बार ‘थर्ड डिग्री’ के आरोपों के घेरे में रही है:
- दिसंबर 2025 (किरावली मामला): हत्या के शक में पकड़े गए राजू पंडित के पुलिस पिटाई से दोनों पैर टूट गए थे, जिसके बाद इंस्पेक्टर सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।
- फरवरी 2026 (मिढ़ाकुर मामला): एक हाईस्कूल छात्र को थर्ड डिग्री देने और हाथ तोड़ने के आरोप में दो दरोगाओं को निलंबित किया गया था।
- मार्च 2026 (पिनाहट मामला): दो सगे भाइयों को प्रताड़ित करने के मामले में दरोगा तालिब चौहान को लाइन हाजिर किया गया था

