दवा बाजार में गोदाम का ताला तोड़कर की छापेमारी:सैंपल दवाओं की तस्करी पकड़ी, नामी कंपनियों की दवाएं भी थी शामिल

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आगरा के फव्वारा स्थित झूलेलाल बाजार में औषधि विभाग की लखनऊ मुख्यालय टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की फिजीशियन सैंपल दवाएं बरामद कीं। टीम ने तीसरी मंजिल पर बने गोदाम का ताला तोड़कर जांच की, जहां भारी मात्रा में ‘नॉट फॉर सेल’ लिखी दवाएं मिलीं। देर रात तक 25 औषधि निरीक्षक दवाओं की जांच और सूची तैयार करने में जुटे रहे।

दरअसल, मुख्यालय की विशेष टीम ने बृहस्पतिवार को 15 मेडिकल फर्मों पर छापेमारी की थी। इस दौरान नकली और सरकारी दवाएं जब्त की गई थीं और तीन फर्मों को सीज किया गया था। जांच सूची में झूलेलाल बाजार की एक फर्म का नाम भी शामिल था। छापे की सूचना मिलते ही फर्म संचालक गोदाम और दुकान पर ताला लगाकर फरार हो गया।

शुक्रवार दोपहर टीम दोबारा बाजार पहुंची और संचालक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में गोदाम का ताला तुड़वाकर जांच शुरू की गई। अंदर दवाओं से भरे कार्टन मिले। कार्टन खोलने पर पता चला कि सभी दवाओं पर ‘फिजीशियन सैंपल-नॉट फॉर सेल’ लिखा था।

अधिकारियों के अनुसार बरामद दवाओं में एंटीबायोटिक, थायरायड, मधुमेह, पेट रोग, जुकाम-खांसी, दस्त और बच्चों के सिरप समेत कई तरह की नामी कंपनियों की दवाएं शामिल हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इन दवाओं पर लिखे ‘नॉट फॉर सेल’ को रसायनों से मिटाकर बाजार में बेचा जा रहा था। आशंका है कि इस नेटवर्क के जरिए कई राज्यों में दवाओं की तस्करी की जा रही थी।

औषधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सैंपल दवाओं की बिक्री कानूनन अपराध है। टीम दवाओं के बैच नंबर, कंपनी और स्टॉक का पूरा रिकॉर्ड तैयार कर रही है। मामले की जानकारी शासन और मुख्यालय को भी भेज दी गई है। संबंधित दवा कंपनियों को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।

दो दिन से चल रही कार्रवाई के चलते फव्वारा दवा बाजार में दहशत का माहौल है। छापों के डर से करीब 90 फीसदी मेडिकल स्टोर बंद रहे।

वहीं, जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशु शर्मा ने मामले में औषधि विभाग और दवा माफियाओं की मिलीभगत की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पहले भी नकली और सरकारी दवाएं पकड़ी गई थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी ओर आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष शर्मा ने कहा कि जांच के दौरान वैध कारोबारियों को भरोसे में लिया जाना चाहिए, ताकि उनका व्यापार प्रभावित न हो।

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