27-28 अप्रैल 2026 की ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सेंट पीटर्सबर्ग में हुई मुलाकात के बाद ईरान के तेवर काफी सख्त नजर आ रहे हैं। इस बैठक में रूस ने ईरान को अपना पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिया है, जिससे उत्साहित होकर अराघची ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है
इस घटनाक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- पुतिन का खुला समर्थन: मुलाकात के दौरान पुतिन ने कहा कि रूस शांति के लिए वह सब कुछ करेगा जो ईरान के हितों में हो। उन्होंने ईरानी लोगों के “साहस” की भी सराहना की।
- अराघची का ‘गिड़गिड़ाने’ वाला दावा: अराघची ने रूसी मीडिया से बातचीत में दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद बातचीत के लिए अनुरोध (गिड़गिड़ा) कर रहे हैं क्योंकि अमेरिका युद्ध में अपने लक्ष्यों को हासिल करने में पूरी तरह विफल रहा है।
- प्रस्ताव पर विचार: ईरानी विदेश मंत्री ने अपने टेलीग्राम अकाउंट पर जानकारी दी कि तेहरान फिलहाल ट्रंप के बातचीत के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है।
- अमेरिका का रुख: दूसरी ओर, ट्रंप ने अपने दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी है और कहा है कि अगर ईरान बातचीत चाहता है तो वह उन्हें सीधे फोन कर सकता है। व्हाइट हाउस ने फिलहाल मीडिया के जरिए बातचीत करने से इनकार किया है।
यह पूरी स्थिति 2026 में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सैन्य और कूटनीतिक तनाव के बीच की है, जिसमें रूस अब एक सक्रिय मध्यस्थ और ईरान के रणनीतिक साझेदार के रूप में उभरा है।

