मणिपुर हिंसा और अशांति: स्थिति रिपोर्ट (18 अप्रैल, 2026)
1. 17 अप्रैल की रात का घटनाक्रम (रात 10:00 बजे IST)
शुक्रवार की रात मणिपुर की इंफाल घाटी में स्थिति बेहद तनावपूर्ण रही। हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं (मीरा पाबी) शामिल थीं, सड़कों पर उतर आए।

- प्रमुख क्षेत्र: इंफाल पूर्वी और पश्चिमी जिलों के सिंगजामेई (Singjamei) और खुरई लामलोंग (Khurai Lamlong) में सुरक्षा बलों और भीड़ के बीच भारी झड़पें हुईं।
- सुरक्षा बलों की कार्रवाई: भीड़ को मुख्यमंत्री आवास और अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले, स्मोक बम और लाठीचार्ज का प्रयोग किया।
- हताहत: कल रात की कार्रवाई में कम से कम 5 नागरिक घायल हुए हैं, जबकि पिछले 48 घंटों में हुई हिंसा में लगभग 27 सुरक्षाकर्मी चोटिल हुए हैं।
2. मुख्य कारण: “तोंगलाओबी हत्याकांड”
ताज़ा अशांति का मुख्य कारण 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के मोइरांग तोंगलाओबी (Moirang Tronglaobi) में हुआ बम हमला है।
- पीड़ित: इस हमले में एक 5 साल के लड़के और एक 5 महीने की बच्ची (सगे भाई-बहन) की सोते समय मौत हो गई थी। उनकी माँ अभी भी अस्पताल में जीवन और मौत के बीच जूझ रही हैं।
- जनता की मांग: लोग इन मासूम बच्चों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी वर्तमान मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, क्योंकि वे इस हमले को रोकने में विफल रहे।
3. शासन और सुरक्षा की वर्तमान स्थिति (18 अप्रैल)
- इंटरनेट की बहाली: 11 दिनों के पूर्ण प्रतिबंध के बाद, आज 18 अप्रैल को सरकार ने घाटी के 5 जिलों (इंफाल पश्चिम, पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर) में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
- NIA की जांच: तोंगलाओबी बम विस्फोट मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में ले ली है। पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
- शांति वार्ता: मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह इस समय उखरुल (Ukhrul) के दौरे पर हैं, जहाँ वे नागा समुदाय के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं ताकि समुदायों के बीच बातचीत का रास्ता खोला जा सके।

4. ज़मीनी हकीकत और चुनौतियाँ
मणिपुर मई 2023 से जातीय संघर्ष (Meitei और Kuki-Zo समुदायों के बीच) की चपेट में है। हालांकि 2025 में कुछ समय के लिए शांति रही थी, लेकिन फरवरी 2026 में नई राज्य सरकार के आने के बाद से हिंसा की छिटपुट घटनाएं फिर से तेज हो गई हैं। वर्तमान में सेना और असम राइफल्स ने समुदायों के बीच “बफर जोन” बना रखा है।
वर्तमान प्रभाव का सारांश (अप्रैल 2026 की लहर)
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| मानवीय क्षति | 2 बच्चों की मौत; 30+ प्रदर्शनकारी घायल |
| सुरक्षा बल | 27+ सुरक्षाकर्मी घायल; सेना की भारी तैनाती जारी |
| संचार | 18 अप्रैल को मोबाइल इंटरनेट बहाल (करीब 11 दिन बाद) |
| जांच | NIA द्वारा उच्च स्तरीय जांच जारी |

