ITR Filing 2026: छोटी सी गलती भी बन सकती है नोटिस की वजह, रिटर्न भरने से पहले जान लें नया नियम

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आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर दाखिल करने का पोर्टल खोल दिया है, लेकिन करदाताओं को जल्दबाजी से बचना चाहिए।

  1. आयकर विभाग ने ITR पोर्टल खोला, अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026.
  2. टीडीएस, एसएफटी डेटा अपडेट होने तक रिटर्न न भरें.
  3. छोटी चूक या विसंगति पर नोटिस, 1-5 हजार रुपये दंड.

वित्तीय वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बार आयकर विभाग ने टैक्स चोरी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नियमों को काफी सख्त कर दिया है। रिटर्न दाखिल करते समय की गई एक छोटी सी लापरवाही सीधे टैक्स नोटिस (Income Tax Notice) की वजह बन सकती है।

रिटर्न भरने से पहले इन नए नियमों और जरूरी बदलावों को अच्छी तरह समझ लें:

1. इस बार के मुख्य नए नियम और बदलाव

  • न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) अब डिफॉल्ट: यदि आप फॉर्म भरते समय पुराना टैक्स विकल्प (Old Tax Regime) चुनना भूल जाते हैं, तो आपका रिटर्न अपने आप न्यू टैक्स रिजीम के तहत प्रोसेस हो जाएगा। ऐसे में आपको पुरानी व्यवस्था के तहत मिलने वाली डिडक्शन (जैसे 80C, 80D आदि) का लाभ नहीं मिलेगा।
  • बैंक खातों का दोबारा वेरिफिकेशन (Re-validation): इस साल विभाग ने रिफंड अटके रहने की समस्या से बचने के लिए सभी बैंक खातों का दोबारा ऑनलाइन वेरिफिकेशन अनिवार्य किया है। आपका पैन (PAN) कार्ड बैंक खाते और नाम से मैच होना जरूरी है।
  • विदेशी संपत्तियों का कड़ा खुलासा: यदि आपके पास विदेश में कोई बैंक खाता, शेयर या संपत्ति है, तो उसका विवरण देना अब बेहद अनिवार्य है। इसमें चूक होने पर ₹10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है।

2. ये 4 गलतियां तो बिल्कुल न करें

  • AIS, TIS और फॉर्म 26AS का मिलान न करना: आपके रिटर्न का डेटा आपके एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और फॉर्म 26AS से शत-प्रतिशत मैच होना चाहिए। यदि आपके बैंक ब्याज, डिविडेंड या शेयर बाजार की कमाई और आईटीआर के आंकड़ों में थोड़ा भी अंतर मिला, तो ऑटोमैटिक नोटिस आ जाएगा।
  • कैपिटल गेन्स (Capital Gains) को छिपाना: म्यूचुअल फंड या इक्विटी शेयर्स बेचने पर हुए मुनाफे की रिपोर्टिंग अब पूरी तरह पारदर्शी है। इसे छिपाने की कोशिश भारी पड़ सकती है।
  • गलत कटौती का दावा (False Deductions): बिना वैध रसीद या सबूत के फर्जी एचआरए (HRA), होम लोन ब्याज या डोनेशन के दावों पर आयकर विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल के जरिए कड़ी नजर रख रहा है।
  • समय पर ई-वेरिफिकेशन न करना: आईटीआर फाइल करने के बाद 30 दिनों के भीतर उसका ई-वेरिफिकेशन (आधार ओटीपी के जरिए) करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर आपका रिटर्न अमान्य (Invalid) माना जाएगा।

3. ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण तारीखें

  • आईटीआर फाइल करने की अंतिम तिथि: बिना किसी लेट फीस के रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है।
  • लेट फीस का नियम: 31 जुलाई के बाद रिटर्न भरने पर ₹5,000 तक की लेट फीस (जुर्माना) चुकानी होगी।

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