आगरा के अकोला गांव के शिशुपाल चाहर ने सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाक्सिंग संगठन में टू स्टार रेफरी-जज बनकर शहर का नाम रोशन किया है। वे अब मधु नगर में श्री घासी बाबा स्पोर्ट्स डेवलपमेंट सोसाइटी के माध्यम से गरीब बच्चों को निःशुल्क बाक्सिंग प्रशिक्षण भी दे रहे हैं।

- शिशुपाल चाहर बने अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग संगठन में टू स्टार रेफरी-जज
- सीमित संसाधनों के बावजूद हासिल की यह बड़ी उपलब्धि
- गरीब बच्चों को निःशुल्क बाक्सिंग प्रशिक्षण दे रहे हैं आगरा में
सपनों को सच करने के लिए सिर्फ संसाधन नहीं, जज्बा और इच्छाशक्ति भी चाहिए। इसका जीवंत उदाहरण हैं आगरा के अकोला गांव निवासी शिशुपाल चाहर, जिन्होंने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग संगठन में टू स्टार रेफरी-जज बनकर अपनी पहचान स्थापित करने के साथ शहर का नाम भी रोशन किया।
किसान परिवार में जन्मे शिशुपाल का बचपन से था बॉक्सर बनने का जुनून
किसान परिवार में जन्मे शिशुपाल को बचपन से ही बॉक्सर बनने का जुनून था। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के कारण उन्हें प्रशिक्षण के लिए संघर्ष करना पड़ा। जैसे-तैसे पैसे जुटाकर वह हरियाणा के भिवानी पहुंचे और बॉक्सिंग की बारीकियां सीखीं। इसी दौरान उनके पिता का निधन हो गया, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गईं और उन्हें अपने खेल से समझौता करना पड़ा।
12 वर्षों से बच्चों को निश्शुल्क प्रशिक्षण देकर उनके सपनों को आकार दे रहे हैं
हालात के आगे झुकने के स्थान पर उन्होंने नई राह चुनी और आगरा-ग्वालियर हाईवे स्थित मधु नगर क्षेत्र में श्री घासी बाबा स्पोर्ट्स डेवलपमेंट सोसाइटी के नाम से बॉक्सिंग अकादमी प्रारंभ की। पिछले 12 वर्षों से गरीब और असहाय बच्चों को निश्शुल्क प्रशिक्षण देकर उनके सपनों को आकार दे रहे हैं।
उनकी सफलता के पीछे ये लोग शामिल
शिशुपाल का कहना है कि उनकी सफलता के पीछे उनके बड़े भाई बाबी चाहर, मित्र गौरव यादव और जितेंद्र कुमार का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने हर मुश्किल समय में उनका साथ दिया। अब शिशुपाल चाहर जल्द ही अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में रेफरी-जज के रूप में नजर आएंगे।
