इन नए नियमों के तहत मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:
- दोगुना ओवरटाइम भुगतान: अब किसी भी औद्योगिक इकाई को ओवरटाइम काम लेने पर दोगुनी दर से भुगतान करना अनिवार्य होगा। इसमें किसी भी प्रकार की कटौती पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
- समय पर वेतन: सभी कंपनियों को हर महीने की 10 तारीख तक कर्मचारियों का वेतन एकमुश्त देना होगा। साथ ही, पारदर्शिता के लिए वेतन पर्ची (Salary Slip) देना भी अनिवार्य है।
- बोनस सीधे बैंक खाते में: वार्षिक बोनस का भुगतान नियमानुसार 30 नवंबर तक सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में जमा करना होगा।
- साप्ताहिक अवकाश: हर श्रमिक को साप्ताहिक छुट्टी देना जरूरी है। यदि रविवार को काम कराया जाता है, तो उस दिन के लिए भी दोगुनी मजदूरी देनी होगी।
- महिला सुरक्षा: कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने के लिए महिलाओं की अध्यक्षता में ‘आंतरिक शिकायत समिति’ का गठन और शिकायत पेटियां लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
- प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यूपी सरकार ने हाल ही में करीब 2 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों (जैसे चपरासी, चौकीदार, डाटा एंट्री ऑपरेटर) के मानदेय में भी भारी बढ़ोतरी की है, जिसे अप्रैल 2026 से लागू किया गया है
यह उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद, जिला प्रशासन ने निजी कंपनियों के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं।
इन नए नियमों की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- ओवरटाइम का डबल पैसा: यदि कोई कर्मचारी अपनी शिफ्ट के बाद अतिरिक्त काम करता है, तो उसे उसकी सामान्य सैलरी दर से दोगुना भुगतान (Double Rate) मिलेगा।
- सैलरी की डेडलाइन: सभी कंपनियों को हर महीने की 10 तारीख तक वेतन देना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, अब कर्मचारियों को सैलरी स्लिप देना भी जरूरी है ताकि कटौती पारदर्शी रहे।
- बोनस का सीधा भुगतान: दीपावली या वार्षिक बोनस अब कैश में नहीं, बल्कि सीधे बैंक अकाउंट में जमा करना होगा। इसकी समय सीमा 30 नवंबर तय की गई है।
- साप्ताहिक छुट्टी (Weekly Off): अगर कोई कंपनी रविवार को काम कराती है, तो उस दिन के लिए भी दोगुना भुगतान करना होगा और कर्मचारी को सप्ताह के किसी और दिन छुट्टी देनी होगी।
- महिला सुरक्षा: हर कंपनी में महिलाओं के लिए ‘इंटरनल कंप्लेंट कमेटी’ बनाना और शिकायत पेटी लगाना अनिवार्य है।
कार्रवाई और हेल्पलाइन:
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो कंपनियां इन नियमों का उल्लंघन करेंगी, उनका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। यदि किसी कर्मचारी को समय पर सैलरी या दोगुना ओवरटाइम नहीं मिल रहा है, तो वे स्थानीय श्रम विभाग (Labour Department) के कार्यालय में या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन: 1076 (किसी भी प्रकार की सरकारी शिकायत के लिए)
- UP श्रम विभाग टोल-फ्री नंबर: 1800-180-5160
- निर्माण श्रमिकों के लिए: 1800-180-5412

