दिल्ली की नई वाहन नीति (Draft EV Policy 2026):मजदूरों का प्रदर्शन

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दिल्ली सरकार ने अपनी नई ड्रॉफ्ट इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति 2026 जारी की है, जिसके कुछ सख्त प्रावधानों और उसी समय नोएडा में चल रहे मजदूरों के भारी प्रदर्शन के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है

1. दिल्ली ड्रॉफ्ट EV नीति 2026 की मुख्य बातें
सरकार का लक्ष्य 2030 तक दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाना है। इसके तहत कुछ बड़े बदलाव प्रस्तावित
  • रजिस्ट्रेशन पर रोक: 1 जनवरी 2027 से नए पेट्रोल/डीजल थ्री-व्हीलर्स और 1 अप्रैल 2028 से नए टू-व्हीलर्स के रजिस्ट्रेशन पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रस्ताव है।
  • वित्तीय प्रोत्साहन: टू-व्हीलर पर ₹30,000 और ई-ऑटो पर ₹50,000 तक की सब्सिडी मिलेगी। साथ ही ₹30 लाख तक की इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ होगी।
  • स्क्रैपिंग इंसेंटिव: पुरानी पेट्रोल-डीजल कार को स्क्रैप करने पर ₹1 लाख तक की छूट का प्रावधान है।
  • एग्रीगेटर्स के लिए नियम: डिलीवरी और राइड एग्रीगेटर्स (जैसे Zomato, Swiggy, Ola, Uber) के लिए अब नए पेट्रोल/डीजल वाहन शामिल करना मुश्किल होगा。

 

2.दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर भारी जाम और हिंसा
 
आज सुबह से दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाले रास्तों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित है:
  • प्रदर्शन का कारण: मजदूर वेतन वृद्धि (Salary Hike) और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग कर रहे हैं।
  • हिंसा और आगजनी: प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को आग लगा दी, पथराव किया और संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया। स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस भी हाई अलर्ट पर है।
  • मजदूरों का प्रदर्शन: वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सैकड़ों श्रमिकों ने सेक्टर 62 और NH-9 पर चक्का जाम कर दिया है।
  • हिंसा की घटनाएं: नोएडा फेज-2 में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने कुछ गाड़ियों में आग लगा दी और पत्थरबाजी की, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
  • रूट ब्लॉक: अक्षरधाम की ओर से नोएडा में प्रवेश करने वाले रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया है। यात्रियों को इन रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।
  • यातायात पर असर: दिल्ली-नोएडा को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों (जैसे NH-9) पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लगा हुआ है, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी परेशानी हो रही है।

 

3. नीति को लेकर चिंताएँ
विशेषज्ञों और मजदूरों के हितों से जुड़ी कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं:
  • सब्सिडी में कमी: ड्रॉफ्ट नीति में सब्सिडी को पहले के मुकाबले कम किया गया है, जिससे वाहन खरीदना महंगा हो सकता है।
  • रोजगार पर असर: पेट्रोल-डीजल वाहनों से जुड़े मैकेनिकों और छोटे ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को डर है कि अचानक बदलाव से उनका काम प्रभावित होगा। हालांकि, सरकार का दावा है कि इससे 20,000 से अधिक ग्रीन जॉब्स पैदा होंगी
4. देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे बंद
  • VVIP भ्रमण और मरम्मत: सड़क मरम्मत कार्य और 14 अप्रैल को होने वाले एक हाई-प्रोफाइल VVIP दौरे के कारण, देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे को गणेशपुर
     के पास रविवार से पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
  • यात्रियों को जाम से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने को कहा गया है।
5. दिल्ली की नई वाहन नीति (Draft EV Policy 2026)
दिल्ली सरकार ने वाहनों को लेकर एक बड़ा मसौदा (Draft) पेश किया है, जिसके मुख्य बिंदु ये हैं:
  • पेट्रोल 2-व्हीलर पर रोक: प्रस्ताव के अनुसार, अप्रैल 2028 से दिल्ली में नए पेट्रोल टू-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन बंद हो सकता है।
  • CNG ऑटो पर लगाम: जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स के रजिस्ट्रेशन की अनुमति देने का विचार है।
  • हाइब्रिड कारों को राहत: स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों (जैसे मारुति, टोयोटा) के रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स में 50% की छूट मिल सकती है, जिससे ग्राहकों को ₹1.45 लाख तक की बचत हो सकती है।
6. पुराने वाहनों पर सख्ती और अन्य अपडेट्स
  • 10/15 साल का नियम: दिल्ली में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर पाबंदी जारी है। उल्लंघन करने पर गाड़ियों को जब्त कर सीधे स्क्रैप के लिए भेज दिया जाएगा।
  • No PUC, No Fuel: पेट्रोल पंपों पर बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के ईंधन नहीं दिया जा रहा है।
  • रोहतक रोड अलर्ट: न्यू रोहतक रोड पर केबल बिछाने के काम के कारण 17 मई तक ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा। पीक ऑवर्स में इस रास्ते पर जाने से बचें।

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