आगरा के बिचपुरी क्षेत्र में सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध निर्माण का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नाले पर बनाई गई पुलियाएं विभागीय जांच में अवैध पाई गईं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सरकारी जमीन पर खुलेआम अतिक्रमण और विभाग की चुप्पी ने कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नाले पर ‘मनमर्जी’ से खड़ी कर दी पुलियाएं
मामला बिचपुरी ब्लॉक के सुनारी से जऊपुरा मार्ग स्थित लोहकरेरा नाले का है। शिकायतकर्ता के अनुसार, एक निजी स्कूल संचालक ने नाले पर अपनी सुविधा के लिए कई पुलियाओं का निर्माण करा लिया, जिससे नाले का स्वरूप ही बदल गया।
जांच में दो पुलियाएं निकलीं पूरी तरह अवैध
सिंचाई विभाग द्वारा की गई जांच में यह साफ हो चुका है कि बनाई गई पुलियाओं में से केवल एक ही वैध है, जबकि दो पुलियाएं पूरी तरह अवैध श्रेणी में आती हैं। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर कार्रवाई न होना सवालों को और गहरा कर रहा है।
अवैध कब्जे से नाले का प्रवाह बाधित
आरोप है कि पुलियाओं के आसपास नाले की अतिरिक्त भूमि पर भी कब्जा कर लिया गया है। इससे नाले का प्राकृतिक जल प्रवाह प्रभावित हो रहा है और आसपास के सार्वजनिक मार्गों पर भी असर पड़ रहा है।

कार्रवाई न होने से विभाग की कार्यशैली पर सवाल
जांच में अनियमितता की पुष्टि के बावजूद अवैध निर्माणों को न हटाया जाना और जिम्मेदारों पर कार्रवाई न होना विभाग की निष्क्रियता को दर्शाता है। इससे स्थानीय लोगों में रोष है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
भविष्य में जलभराव का बढ़ सकता है खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इन अवैध पुलियाओं को नहीं हटाया गया, तो आने वाले समय में क्षेत्र में जलभराव, जलनिकासी बाधित होने और अन्य गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
तत्काल कार्रवाई की उठी मांग
शिकायतकर्ता ने सिंचाई विभाग से मांग की है कि अवैध पुलियाओं को तुरंत ध्वस्त किया जाए, नाले की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यह मामला केवल अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था की जवाबदेही का भी है। अब देखना होगा कि विभाग अपनी ही जांच रिपोर्ट पर कब और कैसे कार्रवाई करता है।

