जंतर-मंतर पर ‘संसद मार्च’ और विरोध प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बीच बातचीत हुई है, जिसके बाद जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने की अपील की है।
बातचीत की पहल को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे
- सीजेपी (CJP) का दावा: CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया (X) पर दावा किया कि केंद्र सरकार ने खुद सुबह उनसे बातचीत के लिए संपर्क साधा था। इसके बाद वे और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका जेपी नड्डा से मिलने उनके आवास पहुंचे।
- जेपी नड्डा का दावा: इसके विपरीत, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से औपचारिक संवाद का प्रस्ताव आया था, जिसके बाद उन्होंने मुलाकात की।
बैठक में क्या हुआ?
- सौहार्दपूर्ण चर्चा: जेपी नड्डा के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल के साथ एक सौहार्दपूर्ण माहौल में मौखिक चर्चा हुई।
- मांग पत्र सौंपना: CJP के डेलीगेशन ने शाम करीब 4 बजे जेपी नड्डा को लिखित याचिका/ज्ञापन सौंपा।
- सरकार का आश्वासन: जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिया कि जंतर-मंतर पर अब कोई पुलिस कार्रवाई (क्रैकडाउन) नहीं होगी और उनकी मांगों पर आंतरिक रूप से उचित स्तर पर चर्चा की जाएगी।
जेपी नड्डा की अपील
- केंद्रीय मंत्री ने सभी आंदोलनकारियों से अनुरोध किया है कि वे अपने धरने को समाप्त करें और दिल्ली में सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
आंदोलनकारी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार की जवाबदेही, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा वे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को डिस्चार्ज करने की भी मांग कर रहे हैं।
इस बातचीत के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर अपना अनशन खत्म कर दिया है, हालांकि संगठन का कहना है कि सुधारों की मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

