शराब ठेकेदार पुराने स्टॉक पर नए रेट लगाकर ग्राहकों से अवैध वसूली कर रहे हैं। आबकारी नियमों की अनदेखी और प्रशासन की ढिलाई से यह खेल खुलेआम चल रहा है।
आबकारी नियमों को ताक पर रखकर शराब कारोबारी अवैध वसूली कर रहे हैं। पुराने स्टॉक को खपाने के लिए ठेका संचालकों ने बोतल वही, कीमत नई का नायाब तरीका निकाला है। पुरानी बोतलों पर या तो नए रेट के लेबल चस्पा किए जा रहे हैं या फिर एमआरपी को दरकिनार कर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। रसूख और सांठगांठ के दम पर चल रहे इस खेल ने शराब के शौकीनों का बजट बिगाड़ दिया है।
- पुराना स्टॉक, नई कीमत: आबकारी नियमों को ताक पर रखकर, ठेकेदार पुरानी बोतलों पर नए रेट का स्टिकर लगा रहे हैं।
- कितनी वसूली: दावा है कि पौवे पर ₹50 से ज्यादा और 750ml की बोतल पर ₹200 से ₹250 तक की अवैध वसूली की जा रही है।
- नियमों की अनदेखी: 1 अप्रैल से 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति प्रभावी है, जिसके अनुसार ही रेट तय होने चाहिए।
कारगिल, संजय प्लेस, देहली गेट, ट्रांसपोर्ट नगर से लेकर कमला नगर और फतेहाबाद रोड तक शराब की दुकानों पर अवैध वसूली का खेल धड़ल्ले से जारी है। 1 अप्रैल से शराब की कीमतें बढ़ गई हैं, लेकिन नियमों के मुताबिक, पुराने स्टॉक को पुरानी कीमतों पर ही बेचना अनिवार्य है। हालांकि, मुनाफाखोरी के चक्कर में ठेकेदार सीधे ग्राहकों की जेब पर डाका डाल रहे हैं। विरोध करने पर सेल्समैन बदसलूकी पर उतारू हो जाते हैं। इतना ही नहीं निर्धारित समय यानी रात 10 बजे के बाद भी शराब बेचकर अवैध वसूली की जा रही है।

