बांसवाड़ा जिले में एमआरपी (MRP) से अधिक कीमत पर शराब की बिक्री और अवैध शराब तस्करी एक गंभीर समस्या बनी हुई है

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जिसके खिलाफ स्थानीय प्रशासन, आबकारी विभाग और सजग जनप्रतिनिधि लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। हाल ही में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल की सतर्कता से गुजरात-राजस्थान सीमा पर ₹44 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की गई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस और शराब तस्करों के बीच कथित साठगांठ का मुद्दा भी उठाया है।

बांसवाड़ा और पूरे राजस्थान में एमआरपी से अधिक दाम (Overpricing) पर शराब बेचना और अवैध शराब की तस्करी कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह समस्या पिछले कई सालों से लगातार चली आ रही है।

हर साल जब नई आबकारी नीति (Excise Policy) लागू होती है, तो यह सिंडिकेट नए सिरे से सक्रिय हो जाता है। इसके मुख्य रूप से तीन बड़े कारण और उनके चलने की अवधि इस प्रकार है:

1. गुजरात सीमा के कारण सालों पुरानी तस्करी

बांसवाड़ा की भौगोलिक स्थिति गुजरात और मध्य प्रदेश (MP) की सीमाओं से सटी हुई है। चूंकि गुजरात में पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू है, इसलिए बांसवाड़ा और आसपास के सीमावर्ती इलाके पिछले कई दशकों से गुजरात में अवैध शराब की तस्करी (Smuggling) का मुख्य रूट बने हुए हैं। शराब माफिया राजस्थान के ठेकों से सस्ती और अवैध शराब उठाकर बॉर्डर पार कराते हैं, जिससे वे करोड़ों का मुनाफा कमाते हैं।

2. ठेकेदारों का पुराना सिंडिकेट (Overpricing)

शराब की दुकानों पर प्रिंट रेट से ₹10 से ₹50 तक ज्यादा वसूलने का खेल पिछले कई वर्षों से हर जिले में आम हो चुका है। इसका बड़ा कारण यह है कि कई बार शराब दुकानों की नीलामी बहुत ऊंचे दामों पर होती है। ठेकेदार उस लाइसेंस फीस और अपने मुनाफे को निकालने के लिए आबकारी विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाकर आम जनता से अतिरिक्त वसूली (ओवरप्राइजिंग) करते हैं। आबकारी विभाग की हालिया सीएजी (CAG) ऑडिट रिपोर्ट में भी विभाग की ढिलाई और नियमों को ठीक से लागू न करने के कारण सरकार को ₹512 करोड़ से अधिक के राजस्व नुकसान की बात सामने आई है।

3. वर्तमान स्थिति और प्रशासन का एक्शन

यद्यपि यह खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन हाल के दिनों में प्रशासन और पुलिस ने इसके खिलाफ कार्रवाई बहुत तेज कर दी है:

  • महाअभियान और धरपकड़: वर्तमान में आबकारी आयुक्त के निर्देश पर पूरे प्रदेश और बांसवाड़ा जिले में अवैध शराब व माफियाओं के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत सघन छापेमारी चल रही है।
  • लगातार कार्रवाई: हाल ही में कुशलगढ़ और सज्जनगढ़ थाना पुलिस ने नाकाबंदी कर एमपी बॉर्डर पर भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है, और ग्रामीण इलाकों में अवैध महुआ शराब बनाने की भट्टियों को लगातार नष्ट किया जा रहा है।

यदि आप अपने क्षेत्र में एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बेचने (Overpricing) या नेताओं/माफियाओं के संरक्षण में अवैध शराब बिकने की शिकायत करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित माध्यमों से तुरंत कदम उठा सकते हैं:

🚨 ओवरप्राइजिंग और अवैध शराब की शिकायत कहाँ करें?

  • राजस्थान आबकारी विभाग (Excise Department): सरकार की आधिकारिक राजस्थान आबकारी नीति के अनुसार, एमआरपी से ₹1 भी ज्यादा वसूलने पर ठेकेदार के खिलाफ भारी जुर्माना और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई का नियम है। आप अपने जिला आबकारी अधिकारी (DEO) से शिकायत कर सकते हैं।
  • राजस्थान सम्पर्क पोर्टल (181): आप मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल करके या Rajasthan Sampark Portal पर ऑनलाइन अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यहाँ शिकायत सीधे उच्च अधिकारियों की निगरानी में जाती है।
  • स्थानीय पुलिस प्रशासन: आबकारी अधिनियम की धारा 20 और 21 के तहत बिना परमिट या अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ सीधे पुलिस कार्रवाई का प्रावधान है। आप नजदीकी थाने या जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में लिखित शिकायत सौंप सकते हैं।

बांसवाड़ा मे शराब माफिया का कहर नेताओ के संरक्षण मैं शराब बिक रही है एमआरपी से भी उपर प्रश्न भी मौएँ

बांसवाड़ा जिले में एमआरपी (MRP) से अधिक कीमत पर शराब की बिक्री और अवैध शराब तस्करी एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसके खिलाफ स्थानीय प्रशासन, आबकारी विभाग और सजग जनप्रतिनिधि लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। हाल ही में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल की सतर्कता से गुजरात-राजस्थान सीमा पर ₹44 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की गई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस और शराब तस्करों के बीच कथित साठगांठ का मुद्दा भी उठाया है। [1, 2, 3]

प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जा रही है, जिसका उदाहरण हाल ही में जलदाय विभाग (PHED) कार्यालय में चल रही अवैध शराब पार्टी पर छापा मारकर अधिकारियों को पकड़े जाना है। [1, 2]

यदि आप अपने क्षेत्र में एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बेचने (Overpricing) या नेताओं/माफियाओं के संरक्षण में अवैध शराब बिकने की शिकायत करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित माध्यमों से तुरंत कदम उठा सकते हैं:

🚨 ओवरप्राइजिंग और अवैध शराब की शिकायत कहाँ करें?

  • राजस्थान आबकारी विभाग (Excise Department): सरकार की आधिकारिक राजस्थान आबकारी नीति के अनुसार, एमआरपी से ₹1 भी ज्यादा वसूलने पर ठेकेदार के खिलाफ भारी जुर्माना और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई का नियम है। आप अपने जिला आबकारी अधिकारी (DEO) से शिकायत कर सकते हैं।
  • राजस्थान सम्पर्क पोर्टल (181): आप मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल करके या Rajasthan Sampark Portal पर ऑनलाइन अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यहाँ शिकायत सीधे उच्च अधिकारियों की निगरानी में जाती है।
  • स्थानीय पुलिस प्रशासन: आबकारी अधिनियम की धारा 20 और 21 के तहत बिना परमिट या अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ सीधे पुलिस कार्रवाई का प्रावधान है। आप नजदीकी थाने या जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में लिखित शिकायत सौंप सकते हैं।

🛡️ आपकी सुरक्षा और अधिकार

  • पहचान गुप्त रखना: अवैध शराब या माफिया से जुड़ी संवेदनशील शिकायतों के दौरान आप अधिकारियों से अपनी पहचान पूरी तरह गुप्त (Anonymous) रखने का अनुरोध कर सकते हैं।
  • कैश मेमो/बिल की मांग: शराब खरीदते समय विक्रेता से आधिकारिक बिल या रसीद अवश्य मांगें, जो ओवरप्राइजिंग के मामलों में सबसे पुख्ता कानूनी सबूत बनता है।

बांसवाड़ा जिला आबकारी विभाग का संपर्क विवरण और लिखित शिकायत दर्ज कराने का पूरा प्रारूप नीचे दिया गया है। आप इसके माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

📞 बांसवाड़ा आबकारी विभाग एवं प्रशासन का संपर्क विवरण

यदि आप फोन या ईमेल के जरिए सीधे अधिकारियों तक बात पहुँचाना चाहते हैं, तो इन नंबरों का उपयोग करें:

  • जिला आबकारी अधिकारी (DEO), बांसवाड़ा:
    • अधिकारी का नाम: श्री राजीव सिंह
    • फोन नंबर: 02962-250560 (कार्यालय समय में संपर्क करें)
    • ईमेल आईडी: deo.bans.excise@rajasthan.gov.in
  • राज्य आबकारी नियंत्रण कक्ष (उदयपुर मुख्यालय): 0294-2525154 (यदि जिला स्तर पर सुनवाई न हो)
  • बांसवाड़ा पुलिस कंट्रोल रूम: 02962-241100 | ईमेल: sp.banswara@rajpolice.gov.in
  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन: 181 (इस पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जहाँ शिकायत संख्या (Complaint ID) मिलती है)

📝 लिखित शिकायत का प्रारूप (Format)

यदि आप जिला आबकारी अधिकारी (DEO) या जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत (स्पीड पोस्ट या व्यक्तिगत रूप से) देना चाहते हैं, तो इस प्रारूप का उपयोग करें। (यदि आप अपनी पहचान गुप्त रखना चाहते हैं, तो नाम और हस्ताक्षर की जगह “सजग नागरिक, बांसवाड़ा” लिख सकते हैं):

सेवा में,
श्रीमान जिला आबकारी अधिकारी / श्रीमान जिला कलेक्टर,
जिला: बांसवाड़ा, राजस्थान।

विषय: शराब की दुकानों पर एमआरपी (MRP) से अधिक वसूली और क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री के संबंध में।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं बांसवाड़ा जिले का एक सजग नागरिक हूँ। इस पत्र के माध्यम से मैं आपका ध्यान हमारे क्षेत्र में चल रहे शराब माफिया और नियमों के उल्लंघन की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।

क्षेत्र का विवरण (जहाँ अवैध काम हो रहा है):

  1. दुकान का स्थान/वार्ड/गांव: _________________________
  2. ठेकेदार/दुकान का नाम (यदि ज्ञात हो): _______________

मुख्य समस्याएं निम्नलिखित हैं:

  1. ओवरप्राइजिंग: उक्त दुकान पर शराब की बोतलों और पव्वों पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से ₹२० से ₹५० तक अधिक राशि वसूली जा रही है। विरोध करने पर सेल्समैन द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है।
  2. अवैध समय पर बिक्री: तय समय सीमा के बाद भी देर रात तक और सुबह जल्दी अवैध रूप से शराब बेची जा रही है, जिससे क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है।
  3. अवैध तस्करों का संरक्षण: क्षेत्र के कुछ स्थानीय रसूखदार लोगों के संरक्षण में बिना परमिट के अवैध शराब की पेटियां उतारी और बेची जा रही हैं, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उक्त स्थान पर आबकारी टीम द्वारा औचक निरीक्षण (Surprise Raid) करवाया जाए और दोषियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

संलग्न दस्तावेज (यदि आपके पास कोई सबूत हो तो):

  • ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटो (यदि उपलब्ध हो)

भवदीय,
नाम: [अपना नाम लिखें या “सजग नागरिक” लिखें]
पता: [वार्ड/गांव का नाम], बांसवाड़ा
दिनांक: //2026

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