आगरा के सैयां क्षेत्र के बाईंखेड़ा गांव में जमीन के विवाद में एक व्यक्ति द्वारा अपने ही भाई की हत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना का सारांश:
- विवाद का मुख्य कारण: रिपोर्टों के अनुसार, भाइयों के बीच जमीन के एक विशेष हिस्से के मालिकाना हक को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
- पुलिस जांच: घटना के बाद मृतक के लापता होने की सूचना मिली थी। पुलिस और स्थानीय लोगों की सघन तलाश के दौरान शव बरामद हुआ।
- आरोपी की गिरफ्तारी: संदेह के आधार पर पुलिस ने छोटे भाई को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और हत्या में इस्तेमाल किए गए सबूतों के बारे में जानकारी दी।
कानूनी स्थिति:
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीपी सैयां के नेतृत्व में पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना में अन्य लोग भी शामिल थे। प्रशासन इस मामले में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।

आगरा के थाना मलपुरा क्षेत्र के गांव बाईंखेड़ा में शुक्रवार से लापता किसान अनीत उर्फ गणेशी (30) की उसके ही भाई ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को गांव से करीब 1 किलोमीटर दूर नहर किनारे गंगाजल पाइपलाइन के नीचे करीब 10 फीट गहरे गड्ढे में दबा मिला। इसके बाद आरोपी भाई पुलिस और ग्रामीणों के साथ मिलकर उसे तलाशने का नाटक करता रहा। कुत्ते जब गड्ढे को खोदने लगे तब शक हुआ। गड्ढा खोदने पर अंदर शव मिला।
परिजन के मुताबिक गांव बाईंखेड़ा निवासी अनीत उर्फ गणेशी गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे घर से खेत पर सोने के लिए निकला था। शुक्रवार सुबह उसकी पत्नी पिंकी खेत पर मवेशियों को चारा डालने पहुंची तो वहां नहीं था। चारपाई से बिस्तर भी गायब था। उसने चारपाई हटाकर सफाई की तो नीचे खून फैला मिला। पास में खून से सने पत्थर पड़े थे।

इसी गड्ढे में गणेशी का शव मिला है।
करीब 200 मीटर दूर अनीत की बाइक मिली। इसकी जानकारी होते परिजन और गांव वाले सन्न रह गए। रास्ते में कई जगह खून के निशान भी पाए गए। पुलिस ने सर्विलांस टीम और खोजी कुत्ते की मदद ली। 36 घंटे तक पुलिस सिर्फ आशंकाओं में उलझी रही और ग्रामीण भी नहर और कुओं की तलाश कर रहे थे। इसी बीच मृतक के चचिया ससुर रुकमान यादव और शालिग्राम यादव ने बताया कि वह नहर के किनारे खड़े थे। तभी पुलिस आई गांव के बाहर गंगाजल पाइपलाइन के पास मक्खियां भिनभिनातीं दिखीं। कुत्तों का झुंड भी मंडरा रहा था।
शक होने पर दोनों खुद मौके पर पहुंचे और मिट्टी हटाकर देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। करीब 10 फीट गहरे गड्ढे में बिस्तर में लिपटा गणेशी का शव मिला। शव की हालत देखकर ग्रामीणों की रूह कांप गई। किसान के सिर, गले, नाभि और पीठ समेत शरीर के कई हिस्सों पर चाकू से गोदने के गहरे निशान मिले। शव के पास बिस्तर में लिपटा हुआ खून से सना चाकू भी मिला।
भाई ने कबूला सच पुलिस ने शक के आधार पर गणेशी के भाई मनीष को हिरासत में लिया। मनीष से पूछताछ की तो उसने हत्या करने की बात कबूल ली। आरोपी ने बताया कि पिता की मौत के बाद दोनों भाइयों के बीच में जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। वो चक रोड के किनारे वाली 15 विस्वा जमीन अपने नाम करवाना चाहता था। चक रोड की जमीन की कीमत बढ़ने के चलते उसको लालच आ गया था, जबकि बड़ा भाई गणेशी भी इस जमीन को नहीं छोड़ना चाहता था। इसको लेकर ही उसने भाई की हत्या की साजिश रची। जमीन के लिए ही उसने भाई की हत्या की। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि साजिश में कोई और तो शामिल नहीं है।

