राजस्थान के वागड़ क्षेत्र (बांसवाड़ा और डूंगरपुर) में भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) का प्रकोप चरम पर है। वर्तमान में, राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मुख्य मौसम अपडेट
- बांसवाड़ा में रिकॉर्ड तोड़ पारा: बांसवाड़ा जिला चूरू के बाद राज्य के सबसे गर्म क्षेत्रों में शामिल रहा है, जहां तापमान 47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
- टॉप 10 में डूंगरपुर: डूंगरपुर जिला भी राज्य के शीर्ष 10 सबसे गर्म जिलों की सूची में बना हुआ है। यहां का तापमान भी लगातार सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है।
- बाड़मेर देश में सबसे गर्म: हालिया आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान का बाड़मेर जिला 48.3°C तापमान के साथ पूरे देश में सबसे गर्म स्थान रिकॉर्ड किया गया है।
हीटवेव के प्रमुख कारण
- थार मरुस्थल की हवाएं: पाकिस्तान की ओर से आने वाली शुष्क और बेहद गर्म हवाएं पश्चिमी और दक्षिणी राजस्थान के तापमान को बढ़ा रही हैं।
- कम आर्द्रता (ह्यूमिडिटी): हवा में नमी का स्तर घटकर मात्र 10 से 30 प्रतिशत रह गया है, जिससे धूप की तपिश सीधे झुलसा रही है।
- पश्चिमी विक्षोभ का अभाव: वर्तमान में कोई सक्रिय वेदर सिस्टम (पश्चिमी विक्षोभ) न होने के कारण आसमान पूरी तरह साफ है और सूरज आग उगल रहा है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां
- कोल्ड वॉर रूम: बढ़ते मरीजों को देखते हुए महात्मा गांधी जिला अस्पताल, बांसवाड़ा में 24 बेड का विशेष कोल्ड वार्ड बनाया गया है।
- अस्पताल में विशेष इंतजाम: इस वार्ड में एयर कंडीशनर (AC), कूलर, आइस पैक, ओआरएस (ORS) घोल और जीवन रक्षक दवाओं की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
- रेड और येलो अलर्ट: मौसम केंद्र जयपुर ने जोधपुर और बीकानेर संभाग के लिए रेड अलर्ट तथा बांसवाड़ा-डूंगरपुर सहित अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी कर दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह दी है।
यदि आप इस क्षेत्र के निवासी हैं या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप में जाने से बचें और लगातार पानी या तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।

