आगरा: 14 अप्रैल को आंबेडकर शोभायात्रा में शामिल कुछ किशोर जोश में आकर परशुराम चौक पर जूते-चप्पल पहनकर चढ़ गए। इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि जगह-जगह प्रदर्शन और नफरती बयान जारी होने लगे। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस दबिश देने लगी। इससे दहशत में आकर एक किशोर की मां की मौत हो गई। इस घटना से दलित समाज में उबाल है। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर को दहशत फैलाने वालों के खिलाफ तहरीर दी है।
क्या था मामला
14 अप्रैल को आगरा में आंबेडकर शोभायात्रा निकाली जा रही थी। जोश और उत्साह में आकर युवक हाथों में नीले झंडे लेकर सड़कों पर निकल पड़े थे। कुछ युवक थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के शास्त्रीपुरम स्थित परशुराम चौक के ऊपर चढ़ गए। युवकों में कुछ किशोर भी शामिल थे। जूते-चप्पल पहने युवकों ने परशुराम चौक पर नीले झंडे लगा दिए। इस घटना का ब्राह्मण समाज के संगठनों ने जमकर विरोध किया। मौके पर पहुंचकर लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। मामले में एफआईआर दर्ज कर 4 युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
बेटे की चिंता में चली गई मां की जान
जगदीशपुरा भीम नगर के रहने वाले राकेश भार्गव ने बताया कि परशुराम चौक पर चढ़ने वालों में उसके बेटे रोमिंश भार्गव उर्फ एनी नाम आया था। रोमिंश की तलाश में पुलिस उसके घर दबिश देने के लिए आई थी। बेटे को हाजिर करने के लिए दबाव बनाया। आरोप है कि रोमिंश के स्थान पर 8 साल के जैकी को उठा ले जाने की धमकी दी गई। इससे उसकी पत्नी दुर्गेश दहशत में आ गई। वहीं, दूसरी ओर सचिन तिवारी और अरुण उपाध्याय द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उनके हाथ पैर काटने की धमकी दी जा रही थी। इससे उसे गहरा सदमा लगा था, जिससे उसकी सोमवार को मौत हो गई।
पुलिस कमिश्नर को दी तहरीर
पत्नी दुर्गेश की मौत के बाद राकेश भार्गव ने पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार को तहरीर दी है, जिसमें पुलिस की दबिश दिए जाने और करणी सेना के सचिन तिवारी के बयान और ब्राह्मण समाज के अरुण उपाध्याय पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में दलित समाज में उबाल है। जाटव महापंचायत के अध्यक्ष धर्मपाल सिंह का कहना है कि महिला की मौत पुलिसकर्मियों की दहशत और सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो से महिला को गहरा आघात पहुंचा था, जिससे उसकी मौत हुई है। पीड़ित परिवार के साथ समाज खड़ा है। दोषियों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
महिला का पोस्टमार्टम कराया गया था। हार्ट अटैक से उसकी मौत हुई है। 17 अप्रैल के बाद से पुलिस ने किसी को पकड़ने के लिए दबिश नहीं दी है। 17 अप्रैल को ही पुलिस उसके घर गई थी। जिन लोगों को चिह्नित किया था, उन पर कार्रवाई की गई है। अली अब्बास, डीसीपी सिटी
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार क्या बोले
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि जिस महिला की मौत हुई है, उसके बेटे रोमिंश भार्गव उर्फ एनी को पकड़ा ही नहीं था। जिन लोगों को सीसीटीवी से चिह्नित किया था, उन्हें जेल भेज दिया गया था। 17 अप्रैल के बाद पुलिस ने किसी के यहां रेड नहीं की थी। आरोप-प्रत्यारोप गलत हैं। तहरीर मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।