असम चुनाव में बाहर से लोगों को लाई भाजपा, जीत को लेकर भरोसा नहीं था: ममता

Latest News

तेंतुलिया रैली में केंद्र सरकार और एजेंसियों पर निशाना, मतदाता सूची से 90 लाख नाम हटाने का लगाया आरोप

  • बाहरी लोगों का आरोप: ममता के अनुसार,  बीजेपी ने असम के मतदाताओं पर भरोसा न होने के कारण बाहर से भीड़ बुलाई।
  • यूपी से 50,000 लोग: उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान एक ट्रेन भरकर लोग उत्तर प्रदेश से असम लाए गए 
  • कठोर टिप्पणी: ममता ने बीजेपी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पार्टी पर भरोसा नहीं किया जा सकता 
  • एनआरसी (NRC) का जिक्र: ममता ने दावा किया कि असम में एनआरसी प्रक्रिया में भी बड़ी संख्या में हिंदुओं और मुस्लिमों के नाम हटाए गए 

 

यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान रैलियों में की गई, जिससे  टीएमसी और बीजेपी के बीच तनाव और बढ़ गया है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने असम विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को असम के लोगों के वोट पर भरोसा नहीं था, इसलिए वह चुनाव के लिए बाहर से लोगों को लेकर आई।

उत्तर 24 परगना जिले के तेंतुलिया में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश से 50,000 लोगों को ट्रेन से असम भेजा गया। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने देश की एजेंसियों को तटस्थ नहीं रहने दिया और “सबको खरीद लिया है।”

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान मतदाता सूची से 90 लाख नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने एक अखबार की खबर का हवाला देते हुए दावा किया कि हटाए गए नामों में 60 लाख हिंदुओं और 30 लाख मुसलमानों के नाम शामिल हैं।

ममता बनर्जी ने एनआरसी का जिक्र करते हुए कहा कि असम में मतदाता सूची से हटाए गए 19 लाख नामों में 13 लाख हिंदू और छह लाख मुसलमान थे। उन्होंने भाजपा पर भरोसा न करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य में चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान बृहस्पतिवार को एक ही चरण में संपन्न हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *