बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान मुरासु को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। भीषण चक्रवाती तूफान मुरासु अब कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में तब्दील हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह सिस्टम फिलहाल तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे पूर्वी तेलंगाना के ऊपर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगले कुछ घंटों में इसकी तीव्रता और कम हो सकती है।
अगले 12 घंटे में कमजोर पड़ जाएगा तूफान
मौसम विभाग के अनुसार, 3 नवंबर की रात 11:30 बजे चक्रवात मुरासु का केंद्र तटीय आंध्र प्रदेश और पूर्वी तेलंगाना के आसपास स्थित था। इसके बाद से यह उत्तर दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अनुमान है कि 4 नवंबर की सुबह तक यह सामान्य डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके साथ ही तूफानी हवाओं की रफ्तार में भी कमी आएगी। फिलहाल हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकती हैं, जबकि झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश
चक्रवात मुरासु के प्रभाव से दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की गई है। प्रकाशम, बापटला, पलनाडु, कृष्णा, एलुरु और पश्चिम गोदावरी जिलों में बारिश का व्यापक असर देखने को मिला।
तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जबकि कुछ स्थानों पर फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण तटीय इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने की समीक्षा
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को सचिवालय स्थित रियल-टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) केंद्र से चक्रवात के प्रभाव और राहत कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित जिलों में बारिश, तेज हवाओं और नुकसान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बहाली कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने तमिलनाडु और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों से भी बातचीत कर आवश्यक सहयोग मांगा है।
किन राज्यों में बारिश का अलर्ट?
मुरासु के कमजोर पड़ने के बावजूद इसका मौसमी प्रभाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। मौसम विभाग ने 4 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है।
इसके अलावा तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी बारिश जारी रहने की संभावना है। अन्य प्रभावित क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
फिलहाल चक्रवात मुरासु की तीव्रता में कमी आने से राहत की उम्मीद है, लेकिन मौसम सामान्य होने तक तटीय इलाकों के लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।


