मशहूर पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने 'ऑरा इंडिया टूर 2026' के सिलसिले में भारत आए हुए हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश के आगरा से उनसे जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। ताजमहल का दीदार करने पहुंचे दिलजीत दोसांझ को आगरा के एक फाइव स्टार होटल में ठहरने के दौरान विदेशी पंजीकरण नियमों (FRRO) के तहत अनिवार्य 'सी-फॉर्म' (C-Form) भरना पड़ा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिलजीत दोसांझ ने साल 2022 में अमेरिकी नागरिकता ले ली थी और इस समय वे बिजनेस वीजा पर भारत आए हुए हैं। विदेशी नागरिक होने के नाते भारत में उनके ठहरने पर विदेशी मेहमानों से जुड़े नियम लागू होते हैं।
आधार कार्ड दिखाने पर शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब दिलजीत दोसांझ के स्टाफ ने आगरा के होटल में पहचान पत्र के तौर पर उनका पुराना आधार कार्ड पेश किया। जब होटल प्रबंधन को पता चला कि दिलजीत अब विदेशी नागरिक हैं और उनके सी-फॉर्म की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, तो उन्होंने इसकी सूचना तुरंत फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) को दी।
शुरुआत में दिलजीत की टीम यह फॉर्म भरने के लिए तैयार नहीं थी, क्योंकि उनके मुताबिक भारत के पिछले दौरों में उन्हें कभी ऐसा नहीं करना पड़ा था। इसके बाद लखनऊ FRRO की टीम ने हस्तक्षेप किया और सख्त चेतावनी दी कि नियम का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई या एफआईआर दर्ज हो सकती है। इस चेतावनी के बाद दिलजीत दोसांझ ने यह औपचारिकता पूरी की।
क्या होता है सी-फॉर्म (C-Form)?
सी-फॉर्म (Form III) भारत सरकार के गृह मंत्रालय और इमिग्रेशन विभाग द्वारा देश की सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अनिवार्य डिजिटल दस्तावेज है।
भारत में ठहरने वाले किसी भी विदेशी नागरिक (चाहे वह ओसीआई कार्ड धारक हो या कोई बड़ी सेलिब्रिटी) के लिए होटल, गेस्ट हाउस या होमस्टे में रुकने पर इसे भरना कानूनी रूप से अनिवार्य है। विदेशी नागरिक के चेक-इन करने के 24 घंटे के भीतर होटल संचालकों को इसे ऑनलाइन FRRO पोर्टल पर अपलोड करना होता है। इसमें विदेशी मेहमान का पासपोर्ट, वीजा विवरण और ठहरने के स्थान जैसी जरूरी जानकारियां दर्ज होती हैं।

