लखनऊ/नई दिल्ली: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर निर्माण संबंधी समस्याओं के सामने आने के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने PNC इंफ्राटेक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी को NHAI, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और उनकी एजेंसियों की नई परियोजनाओं की बोली में तीन साल तक हिस्सा लेने से रोक दिया गया है। यह कार्रवाई परियोजना की रियायतधारी कंपनी Awadh Expressway Private Limited तक भी लागू की गई है।
उद्घाटन के कुछ ही समय बाद सामने आई थी सड़क धंसने की समस्या
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को हुआ था। इसके कुछ ही समय बाद एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में स्लिपेज की समस्या सामने आई। NHAI के अनुसार 26 जुलाई 2026 को करीब 300 मीटर लंबे हिस्से में स्लिपेज दर्ज किया गया था। इसके बाद प्रभावित हिस्से में यातायात को डायवर्ट कर मरम्मत और तकनीकी जांच शुरू की गई।
NHAI ने अगस्त में कहा था कि प्रभावित हिस्से की पूरी मरम्मत की जिम्मेदारी concessionaire की होगी और उस समय तक मरम्मत की अनुमानित लागत करीब 3 करोड़ रुपये बताई गई थी।
तीन साल की debarment कार्रवाई
PNC इंफ्राटेक ने नियामकीय सूचना में बताया कि उसे 11 सितंबर 2026 को NHAI की ओर से पत्र मिला, जिसमें उसकी सहायक कंपनी और concessionaire Awadh Expressway Private Limited पर लगाई गई debarment को PNC इंफ्राटेक के promoter के तौर पर कंपनी तक बढ़ाया गया।इस कार्रवाई के बाद कंपनी NHAI, MoRTH और उनकी executing agencies द्वारा जारी नई निविदाओं में तीन साल तक भाग नहीं ले सकेगी। कंपनी ने यह भी कहा है कि वह और concessionaire इस मामले में उपलब्ध कानूनी उपायों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
शेयर बाजार में भी असर
NHAI की कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद PNC इंफ्राटेक के शेयर में तेज गिरावट दर्ज की गई। 15 सितंबर 2026 को कंपनी का शेयर 20 प्रतिशत तक गिरकर करीब ₹140.32 पर पहुंच गया और लोअर सर्किट में बंद हुआ।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर तक भी पहुंचा।
63 किलोमीटर लंबा है एक्सप्रेसवे
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 63 किलोमीटर है। NHAI के अनुसार 26 जुलाई को सामने आई समस्या इसी एक्सप्रेसवे के करीब 300 मीटर हिस्से में थी। मामले के बाद NHAI ने concessionaire, Independent Engineer और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की थी।
NHAI ने निर्माण और निगरानी से जुड़ी कमियों को लेकर जिम्मेदार पक्षों पर कार्रवाई के साथ प्रभावित हिस्से को ठीक करने के निर्देश दिए हैं।

