इस घटना से जुड़ी मुख्य जानकारियाँ इस प्रकार हैं:
- चोट की गंभीरता: मारपीट के दौरान एक छात्र ने दूसरे के चेहरे पर कई पंच मारे, जिससे पीड़ित छात्र के चार दांत टूट गए और उसके जबड़े में फ्रैक्चर की आशंका जताई गई है। छात्र की हालत इतनी गंभीर थी कि वह बोलने की स्थिति में भी नहीं था।
- परिजनों के आरोप: पीड़ित छात्र मशहूर यूट्यूबर और इंफ्लूएंसर पीयूष मल्होत्रा का बेटा है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, स्कूल ने पहले उन्हें “हल्की चोट” होने की गलत सूचना दी और समय पर प्राथमिक उपचार (First Aid) भी नहीं दिया।
- स्कूल का पक्ष: स्कूल प्रबंधन ने कथित तौर पर इस घटना को मामूली झगड़ा बताकर दबाने की कोशिश की थी। हालांकि, बाद में स्कूल के निदेशक ने बताया कि विवाद अपशब्दों के इस्तेमाल के कारण शुरू हुआ था।
- पुलिस कार्रवाई: सूचना मिलने पर सिकंदरा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्कूल के CCTV फुटेज खंगाले। पुलिस फिलहाल मामले की जाँच कर रही है और आरोपित छात्र के खिलाफ तहरीर दी गई है।
घायल छात्र को शहर के एक निजी अस्पताल (यथार्थ हॉस्पिटल) में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज और ऑपरेशन चल रहा है।

पुलिस की कार्रवाई (Legal Action)
सिकंदरा थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है:
- शिकायत दर्ज: घायल छात्र के पिता पीयूष मल्होत्रा ने आरोपी छात्र के खिलाफ सिकंदरा पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत (तहरीर) दी है।
- CCTV फुटेज की जांच: पुलिस स्कूल परिसर के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि झगड़ा किस बात पर शुरू हुआ और मारपीट की शुरुआत किसने की।
- अधिकारी का बयान: ACP एत्मादपुर अमीषा कुमारी ने पुष्टि की है कि पुलिस मौके पर पहुंची थी और घटना की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई (FIR और धाराएं) तय की जाएगी।
स्कूल की सुरक्षा नीतियां और प्रतिक्रिया (School Security & Policy)
फिलहाल, स्कूल प्रशासन (DPS Agra) ने इस घटना के बाद कोई नई सुरक्षा नीति या आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, इस घटना ने स्कूल के मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
- लापरवाही के आरोप: परिजनों का आरोप है कि स्कूल का मेडिकल इमरजेंसी प्रोटोकॉल पूरी तरह विफल रहा। छात्र के चार दांत टूटने और खून बहने के बावजूद उसे न तो तुरंत अस्पताल ले जाया गया और न ही उचित प्राथमिक उपचार (First Aid) दिया गया।
- सूचना देने का तरीका: स्कूल की संचार नीति (Communication Policy) पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि परिजनों को इतनी गंभीर चोट को “हल्की चोट” बताकर गुमराह किया गया।
- सुपरविजन की कमी: यह घटना कक्षा/परिसर के अंदर हुई, जो यह दर्शाता है कि छात्रों पर शिक्षकों या सुरक्षा गार्डों की निगरानी (Supervision) पर्याप्त नहीं थी
