लोकसभा के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर चर्चा के समय समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और भाजपा नेता स्मृति ईरानी के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली।
विवाद की शुरुआत: अखिलेश यादव का तंज
संसद में चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, “आपकी वो सास-बहू वाली तो हार गई”। उन्होंने यह टिप्पणी तब की जब वे सीटों के आरक्षण और महिलाओं के बीच होने वाले ‘कंपटीशन’ की बात कर रहे थे। हालांकि उन्होंने स्मृति ईरानी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ था, क्योंकि स्मृति ईरानी टीवी सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के लिए मशहूर रही हैं।
मुख्य बिंदु:
- नसीहत: स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव को ‘वंशवादी’ (dynast) बताते हुए कहा कि वह कामकाजी महिलाओं की चुनौतियों को नहीं समझ सकते।
- चर्चा का विषय: यह पूरी बहस 2026 के विशेष संसद सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान हुई।
- पुरानी हार का जिक्र: अखिलेश का तंज 2024 के लोकसभा चुनावों में स्मृति ईरानी की हार की ओर इशारा था।
स्मृति ईरानी का पलटवार
स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अखिलेश यादव को शायराना अंदाज में जवाब देते हुए लिखा:
“सुना है आज अखिलेश जी ने संसद में मुझे याद किया। अच्छा है, जिनको राजनीति धरोहर में मिली, वे उनको भी याद करते हैं जो अपने दम पर आसमान में सुराख़ करते हैं। कामकाजी औरत पर वे टिप्पणी करते हैं जिन्होंने जिंदगी में कभी कोई नौकरी नहीं की। सीरियल से हटाकर संसद पर ध्यान लगाएं, महिलाओं के संबल हेतु अहम बिल पास कराएं।”

