घटना उत्तर प्रदेश के आगरा शहर की है, जहाँ नगर निगम ने एक महीने पहले बनी नई सड़क को बिना अनुमति खोदने पर टोरेंट पावर लिमिटेड (Torrent Power Ltd) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
घटना की मुख्य बातें:
- क्षेत्र: आगरा नगर निगम के लोहामंडी जोन के अंतर्गत गोकुलपुरा क्षेत्र (कंस गेट से करौली बाबा मंदिर तक)।
- वजह: टोरेंट पावर की टीम ने भूमिगत केबल डालने या अन्य कार्य के लिए इस सड़क को खोद डाला था। हैरानी की बात यह है कि यह सड़क अभी मात्र एक महीना पहले ही बनकर तैयार हुई थी।
- जुर्माना: नगर निगम प्रशासन ने बिना अनुमति सड़क काटने और जनता को होने वाली असुविधा को देखते हुए टोरेंट पावर पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाने की संस्तुति की है।
- नगर निगम का रुख: नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल के अनुसार, शहर में किसी भी रोड कटिंग के लिए निगम की पूर्व अनुमति अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं के खिलाफ इसी तरह की कड़ी कार्रवाई और FIR तक की जा सकती है।
घटना का विस्तृत विवरण
- बिना अनुमति खुदाई: नगर निगम के नियमों के अनुसार, किसी भी सड़क की खुदाई के लिए ‘रोड कटिंग’ की अनुमति लेना अनिवार्य है। टोरेंट पावर ने गोकुलपुरा (लोहामंडी जोन) में बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के नई सड़क खोद दी थी।
- जनता की शिकायत: सड़क खुदाई के कारण स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी के बाद क्षेत्रीय लोगों ने इसकी शिकायत नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल से की।
- मौके पर कार्रवाई: शिकायत पर संज्ञान लेते हुए नगर निगम के क्षेत्रीय इंजीनियर हरिओम ने मौके का निरीक्षण किया और चल रहे काम को तुरंत रुकवा दिया

सख्त नियम और जुर्माने का इतिहास
आगरा नगर निगम समय-समय पर टोरेंट पावर और अन्य कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाता रहा है:
- भारी जुर्माना: हाल ही में शास्त्रीपुरम क्षेत्र में भी नियमों के उल्लंघन और जलकल विभाग की पाइपलाइन को नुकसान पहुँचाने पर टोरेंट पर ₹7.15 लाख का जुर्माना लगाया गया था。
- बकाया वसूली: नगर निगम और टोरेंट के बीच ₹220 करोड़ से अधिक के बकाये को लेकर भी लंबे समय से विवाद चल रहा है। पार्षदों ने इस मुद्दे को सदन में कई बार उठाया है और टोरेंट की तुलना ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ तक से की है।
- एफआईआर की चेतावनी: नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में बिना अनुमति के सड़क या फुटपाथ पर बिजली के बॉक्स या ट्रांसफार्मर लगाए गए, तो संबंधित संस्था के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई जाएगी।
ऐसी घटनाओं से न केवल सरकारी पैसे की बर्बादी होती है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पूर्व में भी आगरा नगर निगम ने मानकों के अनुरूप काम न करने पर टोरेंट और अन्य टेलीकॉम कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया है।

