परीक्षा गड़बड़ियों और नीट (NEET) विवाद से परेशान लाखों छात्रों के समर्थन में वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं
सोशल मीडिया पर 22 मिलियन (2.2 करोड़) से अधिक फॉलोअर्स वाले इस बड़े यूथ मूवमेंट के प्रदर्शन को लेकर मुख्य योजना इस प्रकार है:
🗓️ प्रदर्शन की मुख्य योजना और रणनीति
- एयरपोर्ट पर स्वागत की अपील: अभिजीत दिपके ने शनिवार, 6 जून की सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर अपने समर्थकों और छात्रों से वहां जुटने की गुजारिश की है.
- संसद मार्ग थाना और जंतर-मंतर: एयरपोर्ट से निकलने के बाद वे अपने समर्थकों के साथ सबसे पहले संसद मार्ग थाने जाएंगे और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरने की आधिकारिक इजाजत मांगेंगे.
- मांग और जवाबदेही: उनका आरोप है कि परीक्षा लीक और विवादों के कारण देश के युवाओं का भविष्य अधर में है, जिसके लिए शिक्षा मंत्रालय को जवाबदेही तय करनी होगी.
⚖️ सुरक्षा और हिरासत की आशंका
अभिजीत ने वीडियो संदेश में साझा किया कि उनके परिवार और करीबियों को दिल्ली पहुंचते ही पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की आशंका है, लेकिन वे पूरी तरह संवैधानिक दायरे में रहकर ही अपना आंदोलन करेंगे. उनका यह कदम सोशल मीडिया के इस बड़े डिजिटल आंदोलन को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बड़ा परीक्षण माना जा रहा है.
1. आंदोलन का मुख्य कारण और पृष्ठभूमि
- नीट (NEET) परीक्षा विवाद: इस बड़े आंदोलन की मुख्य वजह नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक, अनियमितताएं और प्रशासनिक खामियां हैं, जिससे देश भर के लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं.
- सिग्नेचर कैम्पेन (ऑनलाइन याचिका): अभिजीत दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका शुरू की थी, जिस पर 8 लाख से अधिक छात्रों और लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं. इसी भारी समर्थन को अब वे डिजिटल से सड़कों पर उतार रहे हैं.
2. 6 जून के दिल्ली प्रदर्शन का पूरा शेड्यूल
- एयरपोर्ट पर जुटान: बोस्टन (अमेरिका) में पढ़ाई कर रहे अभिजीत शनिवार, 6 जून की सुबह सीधे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां उन्होंने अपने फॉलोअर्स को जुटने को कहा है.
- संसद मार्ग थाना: एयरपोर्ट से वे सीधे समर्थकों के साथ संसद मार्ग थाने जाएंगे ताकि जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की आधिकारिक प्रशासनिक अनुमति (Permission) ले सकें.
- अरेस्ट होने की आशंका: अभिजीत ने बताया कि उनके परिवार को अंदेशा है कि भारत भूमि पर पैर रखते ही उन्हें पुलिस हिरासत (Detain) में ले सकती है, लेकिन उन्हें देश के संविधान पर पूरा भरोसा है.
3. क्या है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP)?
- स्थापना और विचार: इसकी स्थापना 16 मई 2026 को एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन (Satirical Political Movement) के तौर पर हुई थी। टूटी सड़कों, जलभराव और सरकारी लापरवाही के खिलाफ मीम्स के जरिए शुरू हुआ यह मजाक बेहद कम समय में युवाओं का बड़ा डिजिटल आंदोलन बन गया.
- संस्थापक का बैकग्राउंड: अभिजीत दिपके एक जाने-माने पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजिस्ट हैं, जो पूर्व में आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए भी काम कर चुके हैं.
- सोशल मीडिया पर भारी दबदबा: इंस्टाग्राम पर इस मूवमेंट के 22 मिलियन (2.2 करोड़) से ज्यादा फॉलोअर्स हैं.
4. हालिया कानूनी विवाद और धमकियां
- दिल्ली हाई कोर्ट का झटका: हाल ही में भारत सरकार की इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की इनपुट्स पर राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था का हवाला देते हुए CJP का मूल ‘X’ (ट्विटर) अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया था। इसके खिलाफ दिपके दिल्ली हाई कोर्ट गए, लेकिन 29 मई 2026 को जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने अकाउंट को तुरंत बहाल करने से इनकार कर दिया और अगली सुनवाई 6 जुलाई तय की.
- नया हैंडल: भारत में बैन लगने के बाद समर्थकों ने
@Cockroachisbackनाम से नया हैंडल बनाया है. - जान से मारने की धमकियां: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मुहिम चलाने के बाद से अभिजीत दिपके को सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल किया जा रहा है और कथित तौर पर जान से मारने की धमकियां (Death Threats) भी मिली हैं, जिससे उनका परिवार काफी चिंतित है.

