पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने अपने निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या को एक “प्री-प्लान्ड मर्डर” (सुनियोजित हत्या) और “कोल्ड ब्लडेड मर्डर” करार दिया है। यह घटना 7 मई 2026 को उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में हुई, जहाँ बाइक सवार हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग की।
शुभेंदु अधिकारी के बयान की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- रेकी का आरोप: उन्होंने दावा किया कि हत्यारों ने इस हमले को अंजाम देने से पहले 2-3 दिनों तक इलाके की रेकी (निगरानी) की थी।
- राजनीतिक साजिश: अधिकारी ने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया और कहा कि हमलावरों को चंद्रनाथ के महत्व और उनके आने-जाने के रास्ते की पूरी जानकारी थी।
- प्रशासन पर निशाना: उन्होंने राज्य में व्याप्त स्थिति को “15 साल के महा-जंगलराज” का नतीजा बताया और कहा कि भाजपा सरकार आने पर “गुंडों की सफाई” का काम शुरू होगा।
- शांति की अपील: घटना के बाद उपजे तनाव को देखते हुए उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और कानून को हाथ में न लेने की अपील की है।
घटना का विवरण:
- समय और स्थान: यह वारदात 6 मई 2026 की रात करीब 10:15 से 10:30 बजे के बीच मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में हुई।
- हमला: हमलावरों ने एक कार से चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो का रास्ता रोका और फिर करीब 3-4 राउंड फायरिंग की।
- हथियार: शुरुआती जांच में मौके से ऑस्ट्रिया निर्मित ग्लॉक पिस्टल के खोखे मिले हैं, जो पेशेवर अपराधियों की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं।
- घायल: इस हमले में चंद्रनाथ की मौत हो गई, जबकि उनके ड्राइवर (या साथी) बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल में भर्ती हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले की गहन जांच की मांग की है और बताया कि उन्होंने इस संबंध में गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की है। वहीं, टीएमसी ने इस घटना की निंदा करते हुए अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है।

