डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में घोषणा की है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता सफल होता है और उस पर हस्ताक्षर इस्लामाबाद में होते हैं, तो वह खुद पाकिस्तान की यात्रा करेंगे। उन्होंने पाकिस्तान के नेतृत्व, विशेष रूप से सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मध्यस्थता की जमकर सराहना की है।
इस घटनाक्रम की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- पाकिस्तान यात्रा का संकेत: ट्रंप ने व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “अगर समझौते पर इस्लामाबाद में हस्ताक्षर होते हैं, तो मैं जा सकता हूँ… वे (पाकिस्तान) चाहते हैं कि मैं आऊं”। यदि ऐसा होता है, तो यह 2006 के बाद किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की पहली पाकिस्तान यात्रा होगी।
- आसिम मुनीर की प्रशंसा: ट्रंप ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को “शानदार” (Fantastic) और “बेहतरीन” (Great) बताते हुए कहा कि वह एक काबिल लीडर हैं और वार्ता को सफल बनाने में उनकी भूमिका अहम है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुनीर और शरीफ ने भारत के साथ संभावित परमाणु युद्ध रोकने के लिए उनका धन्यवाद किया है।
- ईरान के साथ समझौता: ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और ईरान एक समझौते के बहुत करीब हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) भंडार को छोड़ने सहित लगभग सभी शर्तों को स्वीकार कर लिया है।
- मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान: अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। आसिम मुनीर हाल ही में इस कूटनीतिक मिशन के तहत तेहरान भी गए थे।
- सीजफायर विस्तार: ट्रंप ने संकेत दिया कि वह 22 अप्रैल को समाप्त होने वाले 14 दिवसीय युद्धविराम (Ceasefire) को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं, यदि समझौता होने की संभावना हो।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप 2026 के मध्यावधि चुनावों से पहले इस युद्ध को समाप्त कर एक बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

