राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में पंचायत समिति चुनावों के बीच एक बेहद चौंकाने वाला राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के शीर्ष नेतृत्व ने एक बड़ा कड़ा रुख अपनाते हुए बांसवाड़ा जिला कार्यकारिणी को पूरी तरह से भंग कर दिया है। पार्टी के इस अचानक लिए गए फैसले से स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
31 पदाधिकारी पदमुक्त
मिली जानकारी के अनुसार, भारत आदिवासी पार्टी ने अनुशासन और संगठन में नए बदलावों को देखते हुए यह कड़ा कदम उठाया है। इस फैसले के तहत जिला कार्यकारिणी के कुल 31 वरिष्ठ पदाधिकारियों को उनके पदों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन को नए सिरे से मजबूत करने के लिए यह रणनीतिक निर्णय लिया गया है।
पंचायत चुनाव के बीच बड़ा फैसला
यह पूरी कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब जिले में पंचायत समिति चुनावों के दूसरे चरण को लेकर चुनावी माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। वर्तमान में गनोड़ा, घाटोल, छोटी सरवन और तलवाड़ा पंचायत समितियों के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है।
इस चुनावी गहमा-गहमी के बीच पार्टी की मुख्य टीम को भंग किए जाने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बाप (BAP) इन क्षेत्रों में नए चेहरों को किस तरह चुनावी मैदान में उतारती है और इसका चुनाव परिणामों पर क्या असर पड़ता है।

