बांसवाड़ा जिले में एमआरपी (MRP) से अधिक कीमत पर शराब की अवैध बिक्री और कैग (CAG) रिपोर्ट में सामने आया ₹512.38 करोड़ का राजस्व नुकसान सीधे तौर पर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
आबकारी विभाग की प्रशासनिक ढिलाई और निगरानी की कमी का सीधा फायदा शराब माफिया और ठेकेदार उठा रहे हैं, जिससे जनता की जेब कट रही है और सरकार का खजाना खाली हो रहा है।
इस सिंडिकेट के काम करने का तरीका और बांसवाड़ा जिला प्रशासन द्वारा की जा रही हालिया कार्रवाइयों का विवरण नीचे दिया गया है:
🔗 राजस्व नुकसान और ओवरप्राइजिंग का आपसी कनेक्शन
- डबल मुनाफे का खेल: एक तरफ ठेकेदार न्यूनतम गारंटी कोटा पूरा न करके सरकार को देय कर (टैक्स) नहीं चुका रहे हैं, जिससे ₹512.38 करोड़ का राजस्व डूबा है। दूसरी तरफ, वही ठेकेदार आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत का फायदा उठाकर दुकानों पर प्रिंट रेट (MRP) से ₹20 से ₹50 ज्यादा वसूलकर जनता को लूट रहे हैं।
- बॉर्डर पर तस्करी का गढ़: बांसवाड़ा जिला गुजरात (शराबबंदी राज्य) और मध्य प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है। विभाग की लचर निगरानी के कारण ठेकेदार नियमों के विरुद्ध जाकर भारी मात्रा में अवैध शराब गुजरात और ग्रामीण इलाकों में तस्करी कर रहे हैं, जिससे स्थानीय दुकानों पर कृत्रिम किल्लत (Artificial Scarcity) पैदा कर एमआरपी से अधिक दाम वसूले जाते हैं।
👮 बांसवाड़ा में प्रशासन और आबकारी विभाग का हालिया एक्शन (2026)
इस बड़े राजस्व नुकसान और ओवरप्राइजिंग की शिकायतों के बाद, बांसवाड़ा जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत सख्त कार्रवाई शुरू की है:
- दुकानों का औचक निरीक्षण (Surprise Raids): जिला आबकारी अधिकारी के निर्देश पर बांसवाड़ा शहर, कुशलगढ़, घाटोल और बागीदौरा क्षेत्रों में विशेष टीमों द्वारा डिकॉय ऑपरेशन (फर्जी ग्राहक भेजकर) चलाए जा रहे हैं। एमआरपी से अधिक राशि वसूलते पकड़े जाने पर दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए जा रहे हैं।
- बॉर्डर पर नाकाबंदी और जब्ती: पुलिस और आबकारी विभाग ने संयुक्त रूप से गुजरात और एमपी बॉर्डर पर चौकियां बढ़ा दी हैं। हाल ही में अवैध परिवहन करते हुए लाखों रुपए की अंग्रेजी और देशी शराब की पेटियां जब्त की गई हैं।
- दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य: बांसवाड़ा के सभी शराब ठेकों के बाहर एमआरपी रेट लिस्ट का बड़ा बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा न करने वाले वेंडर्स पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा
📲 ओवरप्राइजिंग की तुरंत शिकायत यहाँ दर्ज कराएं
यदि बांसवाड़ा जिले में कोई भी शराब विक्रेता आपसे एमआरपी से ₹1 भी ज्यादा मांगता है, तो आप इन माध्यमों से उसकी शिकायत कर सकते हैं:
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181): इस टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके दुकान का नाम और स्थान नोट करवाएं। यह शिकायत सीधे जयपुर मुख्यालय से मॉनिटर होती है।
- बांसवाड़ा आबकारी कार्यालय: सीधे जिला आबकारी अधिकारी (DEO) को
deo.bans.excise@rajasthan.gov.inपर ईमेल करें या कार्यालय में लिखित शिकायत सौंपें। - सम्पर्क पोर्टल: Rajasthan Sampark पर मोबाइल से ओवरप्राइजिंग का वीडियो या फोटो अपलोड कर शिकायत दर्ज करें। आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

