पिछले 10 दिनों में हुई इस लगातार बढ़ोतरी के बाद आम जनता की जेब पर ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजों की महंगाई का बोझ काफी बढ़ गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मिडिल-ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण शनिवार, 23 मई 2026 को भारतीय सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में 10 दिनों के भीतर तीसरी बार बढ़ोतरी की है। इस ताजा बढ़ोतरी में पेट्रोल के दाम 87 पैसे प्रति लीटर, डीजल 91 पैसे प्रति लीटर और सीएनजी (CNG) की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया है
💸 पिछले 10 दिनों का पूरा हिसाब (कुल बढ़ोतरी)
15 मई 2026 से शुरू हुआ यह सिलसिला अब तक ईंधन को ₹4 से ₹5 तक महंगा कर चुका है:
- पेट्रोल: कुल लगभग ₹4.74 प्रति लीटर की बढ़ोतरी।
- डीजल: कुल लगभग ₹4.82 प्रति लीटर की बढ़ोतरी।
- CNG: कुल ₹4.00 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी (पहले 15 मई को ₹2, फिर 17 मई को ₹1 और अब 23 मई को ₹1 बढ़ाए गए)।
📍 प्रमुख महानगरों में आज के नए रेट (23 मई 2026)
विभिन्न राज्यों में लगने वाले स्थानीय वैट (VAT) और टैक्स के कारण हर शहर में कीमतें अलग-अलग हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार आज के नए रेट इस प्रकार हैं:
| शहर (Metro Cities) [1, 2, 3] | पेट्रोल दर (₹/लीटर) | डीजल दर (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली (Delhi) | ₹99.51 | ₹92.49 |
| मुंबई (Mumbai) | ₹108.49 | ₹95.02 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹110.64 | ₹97.02 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹105.31 | ₹96.98 |
दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में इस नई बढ़ोतरी के बाद सीएनजी की कीमत भी बढ़कर ₹81.09 प्रति किलोग्राम हो गई है।
📈 क्यों बढ़ रहे हैं लगातार दाम?
- मिडिल-ईस्ट में तनाव: ईरान और अन्य क्षेत्रीय संघर्षों के चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें $104 प्रति बैरल के पास पहुंच गई हैं।
- तेल कंपनियों का घाटा: तेल विपणन कंपनियों (OMCs जैसे IOCL, BPCL, HPCL) का कहना है कि वे लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय कीमतों का बोझ खुद उठा रही थीं। वर्तमान में कंपनियों को पेट्रोल-डीजल पर प्रति लीटर ₹8 से ₹10 का रेवेन्यू नुकसान हो रहा है, जिसकी भरपाई के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में भी तेल कंपनियां छोटे-छोटे किस्तों में कीमतों को और बढ़ा सकती हैं।

