जनगणना के नाम कुछ ठग आपकी जानकारी चोरी कर सकते हैं, इससे कैसे बचना है जानिए…

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सर्वे के नाम पर आपकी निजी जानकारी और मेहनत की कमाई पर डाका डालने वाले जालसाजों से सावधान रहने के लिए कुछ बातें जानना ज़रूरी है।

देश की आबादी के सटीक आंकड़े जुटाने के लिए सरकार समय-समय पर जनगणना कराती है। यह आधिकारिक पहल है लेकिन इसका फ़ायदा अपराधी उठा रहे हैं। वे ख़ुद को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों के घरों में घुस रहे हैं या फोन कॉल के ज़रिए जाल बिछा रहे हैं। वे लोगों से ऐसी संवेदनशील जानकारी की मांग करते हैं जिसका जनगणना से कोई लेना-देना नहीं होता और अंततः लोग वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं।

जनगणना स्कैम क्या है और यह कैसे होता है?

जब कोई फर्ज़ी व्यक्ति ख़ुद को जनगणना अधिकारी बताकर आपसे निजी डेटा, बैंक विवरण या ओटीपी लेने की कोशिश करता है, तो इसे जनगणना स्कैम कहा जाता है। ठग इसके लिए मुख्य रूप से चार तरीक़े अपनाते हैं…

डोर-टू-डोर फर्ज़ीवाड़ा

ठग सरकारी अधिकारी बनकर आपके घर आते हैं। वे बहुत ही आत्मविश्वास के साथ बात करते हैं और सर्वे के बहाने संवेदनशील जानकारी की मांग करते हैं।

मोबाइल और ओटीपी स्कैम आपको कॉल या मैसेज आता है कि ‘जनगणना डेटा अपडेट’ करना है। वेरिफिकेशन के नाम पर वे आपसे ओटीपी मांगते हैं और जैसे ही आप ओटीपी देते हैं, आपके बैंक खाते से पैसे ग़ायब हो जाते हैं।

फर्ज़ी एप्स और वेबसाइट… ये ठग आपको अपने फोन में कोई विशेष एप डाउनलोड करने या किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने को कहते हैं, जिससे आपका फोन हैक हो सकता है।

सोशल मीडिया स्कैम…

सर्वे के नाम पर सोशल मीडिया हैंडल्स पर लिंक भेजे जाते हैं, जिनमें ‘इनाम’ या ‘अनिवार्यता’ का लालच देकर डेटा चोरी किया जाता है।

जनगणना अधिकारी की पहचान करें… धोखाधड़ी से बचने के लिए सर्वे करने आए व्यक्ति की प्रामाणिकता जांचना ज़रूरी है। – असली जनगणना अधिकारी के पास सरकार द्वारा जारी एक वैध फोटो पहचान पत्र होता है। इसे ध्यान से देखें, इसमें विभाग की मुहर और हस्ताक्षर होने चाहिए। – जनगणना कर्मी अक्सर टीम में आते हैं। यदि कोई अकेला व्यक्ति संदिग्ध तरीक़े से पूछताछ कर रहा है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। – असली अधिकारियों के पास अक्सर जनगणना से जुड़े सरकारी फॉर्म, टैबलेट या विशेष किट होती है। – आप अपने स्थानीय वार्ड सदस्य या पुलिस स्टेशन से संपर्क करके यह पूछ सकते हैं कि क्या आपके इलाके में वर्तमान में कोई आधिकारिक जनगणना सर्वे चल रहा है।

अधिकारी क्या पूछ सकते हैं?

  • परिवार के सदस्यों के नाम और उम्र। शिक्षा और रोज़गार की स्थिति। घर में उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं (जैसे- बिजली, पानी, शौचालय)। धर्म और भाषा।संवेदनशील जानकारी कभी साझा न करें।
  • सरकारी अधिकारी आपसे कभी भी फोन पर या आमने-सामने ओटीपी नहीं मांगेंगे।
  • बैंक विवरण जैसे- बैंक अकाउंट नंबर, पासबुक की फोटो या क्रेडिट/डेबिट कार्ड के नंबर की मांग भी नहीं की जा सकती।
  • एटीएम/यूपीआई पिन की जनगणना में कोई आवश्यकता नहीं होती।
  • घर आए किसी भी व्यक्ति को अपने अंगूठे का निशान या आंख की पुतली स्कैन न करने दें।

सुरक्षा का रखें ध्यान…

  • यदि आप घर पर अकेले हैं, तो किसी भी अज्ञात व्यक्ति को घर के अंदर न आने दें। पड़ोसियों या परिवार के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में ही बात करें।
  • किसी के कहने पर फोन में कोई एप इंस्टॉल न करें। सरकारी काम के लिए कभी भी रैंडम लिंक पर क्लिक करने को नहीं कहा जाता।
  • यदि कोई फोन पर ‘जनगणना वेरिफिकेशन’ के लिए दबाव बनाए, तो तुरंत कॉल काट दें और संबंधित विभाग को रिपोर्ट करें।
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