भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट लेते हुए उत्तर भारत में भारी तबाही मचा दी। उत्तर प्रदेश और बिहार में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की घटनाओं में कुल 44 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में भी मंगलवार को तेज तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
सोमवार सुबह लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में अचानक मौसम बदल गया। सुबह करीब साढ़े आठ बजे आसमान में काले बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई, जिससे सड़कों पर चल रहे वाहनों को लाइट जलानी पड़ी।
इस खराब मौसम के चलते उत्तर प्रदेश में 24 लोगों की जान चली गई। आंधी के कारण कई जगह बिजली के खंभे गिर गए और तार टूट गए, जिससे सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सड़कें अवरुद्ध हो गईं और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। आम, गेहूं और सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को भी प्रदेश के पूर्वी से पश्चिमी हिस्सों तक तेज आंधी, मध्यम से भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। करीब 60 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 40 से अधिक जिलों में वज्रपात की चेतावनी दी गई है।
वहीं, बिहार में भी मौसम का कहर जारी है। औरंगाबाद, गया, रोहतास, भोजपुर, वैशाली, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी और बगहा जिलों में भारी नुकसान हुआ है। औरंगाबाद में वज्रपात से तीन लोगों की मौत हुई, जबकि गया जिले के शेरघाटी, टिकारी और कोंच क्षेत्रों में पांच लोगों की जान चली गई। पूर्वी चंपारण में भी पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। आम और लीची की फसलों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है।
खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। दिल्ली से लखनऊ आ रहे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य का विमान खराब मौसम के कारण बीच रास्ते में फंस गया, जिसे भोपाल डायवर्ट करना पड़ा। मौसम सामान्य होने के बाद विमान दोपहर 12:27 बजे लखनऊ पहुंच सका।
इसके अलावा, खराब दृश्यता के चलते दिल्ली में रविवार रात 11 बजे से तड़के तीन बजे तक करीब 15 विमानों को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया। मौसम में सुधार के बाद ये सभी विमान वापस दिल्ली रवाना कर दिए गए।
मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। आने वाले 48 घंटे उत्तर भारत के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।

